नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सावित्रीबाई फुले को एक महान समाज सुधारक करार दिया, जिन्होंने सेवा और शिक्षा के माध्यम से समाज के परिवर्तन के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सावित्रीबाई फुले की जयंती पर, हम एक ऐसी महान महिला को याद कर रह हैं, जिन्होंने सेवा और शिक्षा के माध्यम से समाज के परिवर्तन के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।’’ उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले समानता, न्याय और करुणा के सिद्धांतों के प्रति समर्पित थीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि फुले का दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली साधन है और उन्होंने अपना जीवन ज्ञान व शिक्षा के माध्यम से लोगों के जीवन को बदलने के लिए समर्पित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि वंचित और हाशिए पर खड़े लोगों की देखभाल में फुले की कार्य सेवा और मानवता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फुले की दूरदृष्टि समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण में राष्ट्र के प्रयासों का मार्गदर्शन करती रहेगी। प्रख्यात समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की पत्नी, सावित्रीबाई फुले का जन्म 1831 में महाराष्ट्र में हुआ था और उन्हें कई लोग भारत की पहली महिला शिक्षिका मानते हैं। उन्होंने महिलाओं, विशेष रूप से वंचित समूहों की महिलाओं को शिक्षित करने में अग्रणी भूमिका निभाई और वह भी ऐसे समय में जब महिलाओं की शिक्षा को उतना महत्व नहीं दिया जाता था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को स्वतंत्रता सेनानी रानी वेलु नचियार को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में श्री मोदी ने औपनिवेशिक उत्पीड़न के खिलाफ लड़ाई में रानी नचियार की बहादुरी एवं नेतृत्व को याद किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “रानी नचियार की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि। उन्हें भारत की सबसे वीर योद्धाओं में से एक के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने साहस एवं सामरिक निपुणता की मिसाल पेश की।
उल्लेखनीय है कि शिवगंगा रियासत की रानी नचियार को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के प्रतिरोध में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। ऐसा माना जाता है कि वह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाली पहली भारतीय रानी थीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश की स्वतंत्रता एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति रानी नचियार के समर्पण को रेखांकित करते हुए कहा, “उन्होंने औपनिवेशिक उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई और भारतीयों के स्वशासन करने के अधिकार पर बल दिया। सुशासन एवं सांस्कृतिक गौरव के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी प्रशंसनीय है।”
पीएम मोदी ने कहा कि रानी नचियार की निडरता एवं भारतीय स्वतंत्रता की अगुआ के रूप में उनकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान देश के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। उनका बलिदान एवं दूरदर्शी नेतृत्व आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
