मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया, मुबारकपुर (आजमगढ़) की मान्यता रद्द करने के लिए करीब डेढ़ वर्ष तक एटीएस व प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार किया गया। रिपोर्ट आने के बाद कई राज सामने आये। मदरसा प्रबंधन पूरी तरह से मनमाना रवैया अख्तियार किये थे। वह बोर्ड के आदेशों व निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था। यहां तक कि मनमाने तरीके से पाठ्यक्रम भी लागू कर दिया था। जबकि नियमानुसार बिना बोर्ड की अनुमति के कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा सरकारी धनराशि व छात्रों से शुल्क का हिसाब प्रबंधन नहीं दे सका। शासन और परिषद स्तर पर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मदरसे की मान्यता को निलंबित कर दिया।
बोर्ड के अधिकारी के अनुसार, विनियमावली 2016 के भाग-1 की धारा-10 में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक मान्यता प्राप्त मदरसे को वित्तीय संसाधनों की समुचित व्यवस्था, परिषद की अनुमति के बिना अतिरिक्त पाठ्यक्रम लागू न करने, परिषद अधिनियम व निर्देशों का पालन, नियमित निरीक्षण, सोसाइटी पंजीकरण का नवीनीकरण, सहायता प्राप्त मदरसों में शुल्क न लेने तथा शासकीय धनराशि का पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त शिक्षण का माध्यम उर्दू, अरबी एवं फारसी निर्धारित है। एटीएस जांच रिपोर्ट में शमशुल हुदा की गतिविधियों के साथ-साथ मदरसा अशरफिया की प्रबंध समिति की कार्यप्रणाली को अत्यंत संदिग्ध बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मदरसे की गतिविधियां राज्य की आंतरिक सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और शासन की पारदर्शी अनुदान प्रणाली के प्रतिकूल हैं। इससे संस्था की विश्वसनीयता, उद्देश्य और वैधानिक चरित्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। मदरसा प्रबंधक द्वारा परिषद की नोटिस का जवाब दिया। उमसें भ्रामक व तथ्यों को छिपाकर जानकारी दी गई थी।
वित्तीय हेराफेरी का भी आरोप, शुरू हुई जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि मदरसे द्वारा विभागीय दिशा-निर्देशों, मदरसा सेवा नियमावली और वित्तीय अनुशासन का घोर उल्लंघन किया गया। संस्था का संचालन अनियमित, अवैध और शासन-विरोधी गतिविधियों से दूषित पाए जाने का दावा किया गया है। इसकी जांच के लिए बोर्ड विशेष कमेटी गठित कर कराएगा। जांच में सामने आया कि मदरसा अशरफिया की मान्यता बनाए रखना न केवल नियमों के विपरीत है, बल्कि लोकहित और कानून के शासन की दृष्टि से भी उचित नहीं है। ऐसे में मदरसे की मान्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
