ओवरलोड वाहनों को रिश्वत लेकर बिना रोकटोक आवागमन की अनुमति देने के आरोपों में लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) प्रवर्तन को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में तीनों अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही प्रकरण की विभागीय जांच झांसी के उप परिवहन आयुक्त केडी सिंह गौर को सौंपी गई है। परिवहन विभाग के विशेष सचिव केपी सिंह द्वारा गुरुवार को जारी आदेश में लखनऊ के एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, रायबरेली के एआरटीओ अंबुज और फतेहपुर की एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा को निलंबित किया गया। साथ ही जांच अधिकारी द्वारा जल्द ही आरोपपत्र तैयार कर शासन को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
मालूम हो कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा 12 नवंबर को हमीरपुर, महोबा सहित बुंदेलखंड क्षेत्र से मौरंग और गिट्टी लदे ओवरलोड ट्रकों को अवैध रूप से पास कराने वाले संगठित गिरोह का खुलासा हुआ था। इस संबंध में लखनऊ के मड़ियांव, रायबरेली के लालगंज और उन्नाव में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। एफआईआर में परिवहन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बिचौलिये सहित लगभग 25 लोगों को नामजद किया गया है। जिसके बाद कई नामजद अधिकारी और कर्मचारी कार्यालयों से नदारद चल रहे थे।
