कुलपति के समर्थन में आया केजीएमयू कर्मचारी परिषद, धर्मांतरण प्रयास मामले में प्रदर्शन और कुलपति का पुतला जलाने का किया कड़ा विरोध

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 किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में कथित धर्मांतरण प्रयास और महिला रेजिडेंट के यौन शोषण प्रकरण को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में कुछ बाहरी संगठनों द्वारा बिना अनुमति उग्र प्रदर्शन और कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद का पुतला दहन किए जाने की घटना पर केजीएमयू कर्मचारी परिषद ने शुक्रवार को कड़ा विरोध जताया। इससे पहले केजीएमयू शिक्षक संघ ने भी इसका विरोध किया था।

कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष विकास सिंह और महामंत्री अनिल कुमार ने जारी बयान में कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में बिना अनुमति किसी भी प्रदर्शन, विशेषकर बाहरी संगठनों के माध्यम से, संस्थान के नियमों और अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है। परिषद ने इसे गैरकानूनी, अनुचित और निंदनीय बताया और कहा कि तथाकथित ‘लव जिहाद’ के नाम पर किया गया यह प्रदर्शन न केवल सुरक्षा मानकों को चुनौती देता है, बल्कि विश्वविद्यालय की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है।

परिषद ने चिंता व्यक्त की कि इस तरह की घटनाओं से केजीएमयू की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है और मरीजों, तीमारदारों तथा महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। साथ ही, यह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, चिकित्सीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न कर रहा है।

कर्मचारी परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि सभी बाहरी संगठनों के अनधिकृत प्रवेश और गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं।