वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी वर्ष 2014 के बाद से विकास की नई गाथा लिख रही है। इसी क्रम में यह धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र भी बन गई है। वाराणसी नगर निगम द्वारा काशी के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।महापौर अशोक कुमार तिवारी ने मंगलवार को बताया कि सोमवार को हुई नगर निगम सदन की बैठक में पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पार्षद अमरेश कुमार ने महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया था।
उन्होंने कहा कि मैदागिन से अस्सी घाट तक दुकानदार मनमाने ढंग से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। सदन ने इस समस्या के समाधान के लिए सभी खान-पान की दुकानों पर ‘रेट-बोर्ड’ (मूल्य-सूची पट्टिका) लगाना अनिवार्य करने की सहमति दे दी है।
इसके अलावा, बाबा विश्वनाथ मंदिर के दो किलोमीटर के दायरे में 400-500 कमरों वाली सरकारी धर्मशाला निर्माण पर भी गंभीरता से विचार करने का निर्णय लिया गया है, ताकि पर्यटकों को खुले में न सोना पड़े।
पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि को देखते हुए ‘अनुशासन’ और ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ पर विशेष जोर दिया जा रहा है। महापौर ने कहा कि काशी आने वाले हर श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से नगर निगम लगातार विभिन्न बिंदुओं पर कार्य कर रहा है। पर्यटकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
