Bareilly : बरेली में बनेगा औद्योगिक गलियारा, हजार हेक्टेयर भूमि की तलाश

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बरेली जनपद में औद्योगिक विकास की कवायद शुरू हो गयी है। जनपद में एक हजार हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए मंजूरी मिली है। यह औद्योगिक गलियारा निर्माणाधीन, प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यीय राजमार्ग या अन्य ऐसे मार्ग पर बनाया जाएगा, जहां से औद्याेगिक क्षेत्र के लिए आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो सके। उप्र एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार का पत्र डीएम के पास पहुंचने के बाद भूमि की तलाश शुरू हो गयी है।

यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए शासन के निर्देश पर यूपीडा वर्तमान में 42 जनपदाें में औद्योगिक गलियारा विकसित कराने के लिए प्रयारसत है। निवेशकों की अभिरुचि के मद्देनजर बरेली सहित अन्य जनपदों में भी औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाना है। औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए करीब एक हजार हेक्टेयर भूमि का अर्जन कई मानकों को ध्यान में रखते किया जाना है। भूमि निर्मित/निर्माणाधीन या प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यीय राजमार्ग या अन्य ऐसे मार्ग पर स्थित होनी चाहिए जिससे औद्योगिक क्षेत्र से आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो सके।

औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित की जाने वाली भूमि जलभराव या जल मग्न वाली नहीं होनी चाहिए। भूमि आबादी में न हो ताकि सुविधाजनक तरीके से क्रय/अर्जन की जा सके। भूमि नहर या हाईटेंशन लाइन क्षेत्र में न हो। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने डीएम से औद्योगिक गलियारा के लिए भूमि का चिन्हांकन कराते हुए राजस्व मानचित्र पर स्पष्ट बाह्य सीमा प्रदर्शित करते हुए मानचित्र की प्रति सहित विवरण भेजने के लिए आग्रह किया है। डीएम अविनाश सिंह के निर्देश पर विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी देश दीपक सिंह ने भूमि चिह्नित करने के लिए एसडीएम सदर, बहेड़ी, नवाबगंज, फरीदपुर, आंवला और मीरगंज को पत्र जारी कर दिया है।

इन जनपदों में पहले से प्रस्तावित हैं औद्योगिक गलियारा
बदायूं, शाहजहांपुर, मैनपुरी, गाजियाबाद, बुलंदशहर, जौनपुर, भदोही, वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, मुजफ्फरनगर, लखनऊ, हरदोई, हमीरपुर, औरैया, उन्नाव, मेरठ, हापुड़, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, संभल, चित्रकूट, अमरोहा, कन्नौज, प्रयागराज, बांदा, महोबा, जालौन, फिरोजाबाद, इटावा, बाराबंकी, अमेठी, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, गोरखपुर, सहारनपुर, बागपत, हाथरस, बहराइच।

क्या है औद्याेगिक गलियारा
औद्योगिक गलियारा एक ऐसा नियोजित क्षेत्र होता है, जहां सड़कों, रेलमार्गों और हवाई अड्डों के सुदृढ़ नेटवर्क के माध्यम से प्रमुख विनिर्माण केंद्रों को जोड़ा जाता है। यह बुनियादी ढांचे पर आधारित एक ”रेखिक” आर्थिक विकास क्षेत्र है, जिसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, औद्योगीकरण को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करना है। एकीकृत बुनियादी ढांचा में औद्योगिक क्लस्टर, स्मार्ट सिटी, लॉजिस्टिक पार्क और टाउनशिप शामिल की जाती हैं जो विश्व स्तरीय परिवहन से जुड़े होते हैं।