चढ़ती कीमतों से चमकती चांदी के बीच बडे़ लोगों का ”सगुन का बाजार” भी चमकने लगा है। बाजार में चांदी की पिचकारियों और बाल्टियों का भी सर्राफा बाजार में आगाज हो गया है। मीनाकारी कारीगरी वाली चांदी की पिचकारी और बाल्टी लोगों को भा रही है। नक्काशीदार पिचकारियों का सेट लोगों को खूब पसंद आ रहा है। संपन्न घराने जहां इसे सगुन मान कर चल रहे हैं वहीं सामान्य लोग इसे बचत के रूप में देख रहे हैं। मसलन रंगोत्सव भी हो जाए और खरी चीज बचत के रूप में परिजनों के पास भी रखी रहे। महंगी होने के बाद भी लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं। वजन के हिसाब से पिचकारी और बाल्टी की कीमत है।
चौक सर्राफ के आदीश जैन बताते हैं कि बाजार में चांदी की बाल्टी और पिचकारी आ गई है। जितना वजन उसी हिसाब से कीमत। दस हजार रुपये से शुरू होकर 2.5 लाख रुपये तक की मीनाकारी काम वाली बाल्टी और पिचकारी आ गई हैं। इसे पसंद किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि सामान्य जन इसे नहीं ले रहे हैं। सभी ले रहे हैं। आमजन इसे बचत और सगुन दोनों रूप में लेते हैं। जैन के मुताबिक अमूमन दस हजार से एक लाख रुपये वाली चांदी की पिचकारी और बाल्टी लोग खरीद रहे हैं।
