जनगणना 2027 (जिसकी तैयारी 2026 से शुरू हो रही है। इसको को लेकर शिक्षकों में खासी चर्चा है। कई शिक्षक बीएलओ बूथ लेवल ऑफिसर और बोर्ड परीक्षा ड्यूटी से राहत की मांग कर रहे हैं, क्योंकि ये गैर-शैक्षणिक कार्य उनकी मुख्य पढ़ाई कार्य को प्रभावित करते हैं। वहीं, जनगणना ड्यूटी के लिए अब आकर्षक मानदेय तय किया गया है, जिससे शिक्षक इसे लेकर उत्साहित दिख रहे हैं।
जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना (हाउस लिस्टिंग) के लिए 9,000 रुपये और द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना के लिए 16,000 रुपये मानदेय घोषित किया गया है। कुल मिलाकर यह राशि 25,000 रुपये तक पहुंचती है। इसके अलावा प्रशिक्षण के लिए अलग से 600 रुपये दिए जाएंगे। यह मानदेय उन कर्मचारियों के लिए है जो नियमित ड्यूटी के अलावा यह अतिरिक्त कार्य करेंगे। शिक्षक समुदाय में यह खबर तेजी से फैल रही है। कई शिक्षक कह रहे हैं कि बीएलओ और अन्य चुनावी ड्यूटी से कतराते हैं, क्योंकि उनमें कम मानदेय और ज्यादा बोझ होता है, लेकिन जनगणना जैसे राष्ट्रीय कार्य के लिए हाथ फैलाने को तैयार हैं। कई शिक्षकों ने बताया कि पहली बार इतना भारी भरकम मानदेय मिलेगा। राष्ट्रीय कार्यक्रम है सहभागिता की जानी चाहिए।
जनगणना दो चरणों में होगी
प्रथम चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक मकान गणना और दूसरा फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना। यह पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें जातिगत आंकड़े भी शामिल होंगे। फील्ड कार्यकर्ता तैनात होंगे, जिनमें ज्यादातर शिक्षक ही होंगे।यह मानदेय शिक्षकों के लिए राहत भरा है।
