कुशीनगर।(www.arya-tv.com) दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर पूरे देश में जबरदस्त विरोध हो रहा है लेकिन, कुशीनगर की पुलिस ने पीडि़त परिवार की आवाज को ही दबा दिया। तहरीर मिलने के बाद परिवार पर सुलह-समझौते का दबाव बनाया जाने लगा। पंचायत बैठाकर किशोरी की आबरू की कीमत भी 1.20 लाख रुपये लगा दी गई। ऐसे में परिवार को पंचों का फैसला मानकर मुंह बंद करना पड़ा। रविवार को सोशल मीडिया पर आडियो वायरल होने पर पुलिस की कारगुजारी उजागर हो गई।
पुलिस से मौजूदगी में सुलह समझौता
आडियो में पुलिस की मौजूदगी में सुलह-समझौता होने की बात साफ सुनाई दे रही है। आरोपित पक्ष से कहा जा रहा है कि वह पीडि़त पक्ष को घटना के एवज में 1.20 लाख रुपये देगा। घटना बीती 21 नंवबर की है। रात आठ बजे गांव की एक किशोरी शौच करने गई थी। गांव के ही दो युवकों ने नशीला पदार्थ लगे कपड़े से उसका मुंह दबा दिया और गांव के बाहर एक सुनसान मकान में ले गए। मकान आरोपित युवक का बताया जा रहा है। वहां एक युवक ने किशोरी से दुष्कर्म किया और उसे कमरे में बंद कर दिया। रात भर किशोरी का परिवार परेशान रहा। सुबह खिड़की के रास्ते भाग कर किशोरी घर पहुंची और मां से आपबीती बताई।
पुलिस मामले को रहा रही रफा दफा
दो दिन बाद जब किशोरी के पिता रिश्तेदारी से आए तो उन्होंने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा नहीं लिखा बल्कि सुलह-समझौते का दबाव बनाया। गांव वाले भी सुलह का दबाव बनाते रहे। रविवार को पुलिस व प्रधान के नेतृत्व में गांव के कुछ लोगों ने पंचायत कर मामला रफा-दफा कर दिया।
पुलिस का बयान
इस संबंध में हनुमानगंज थाने के एसओ विनय कुमार का बयान काफी गैर जिम्मेदाराना रहा। उनका कहना है कि पीडि़ता के पिता ने पहले ही समझौता कर लिया। उसने कार्रवाई न करने की बात भी कही। इस नाते मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। वहीं एसपी विनोद कुमार मिश्र ने कहा कि गंभीर मामला है। मामले में सख्त कार्रवाई होगी। पंचायत में शामिल लोगों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
