ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग से यात्री सुविधाओं तक तेज विकास, बीते वित्तीय वर्ष में लखनऊ रेल मंडल ने दर्ज की ऐतिहासिक उपलब्धियां

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पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने रेल संचालन में आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए 51.02 रूट किमी पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) सफलतापूर्वक स्थापित की है। यह प्रणाली ट्रैक को छोटे-छोटे ब्लॉकों में विभाजित कर ट्रेनों की स्थिति का स्वतः पता लगाती है। जैसे ही कोई ट्रेन किसी ब्लॉक में प्रवेश करती है, पीछे का सिग्नल स्वतः लाल हो जाता है और ट्रेन के आगे बढ़ने पर क्रमशः पीला और हरा हो जाता है। इससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनी रहती है और दुर्घटनाओं, विशेषकर रियर-एंड टक्कर की संभावना कम होती है। इस प्रणाली के कारण एक ही ट्रैक पर अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हुआ है, जिससे लाइन क्षमता बढ़ी है और रेल यातायात अधिक सुगम बना है। इसके साथ ही गोरखपुर से लखनऊ मार्ग पर अगले वर्ष तक एबीएस प्रणाली पूरी हो जाएगी।

स्टेशन विकास और यात्री सुविधाओं में सुधार

मण्डल ने बादशाहनगर, ऐशबाग और गोण्डा जैसे प्रमुख केंद्रों का नवीनीकरण किया है। ऐशबाग स्टेडियम में हाई मास्ट लाइटिंग लगाई गई, जिससे अब दिन-रात खेल गतिविधियां संभव हैं। लखनऊ जंक्शन और कैबवे का सौंदर्यीकरण तथा आधुनिकीकरण भी किया गया है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत तेजी

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कई स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री की ओर से मण्डल के स्टेशनों (सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, स्वामी नारायण छपिया, रामघाट हाल्ट, गोला गोकरननाथ, मैलानी जं.) का लोकार्पण किया गया। साथ ही 4 स्टेशनों (लखीमपुर, तुलसीपुर, खलीलाबाद, लखनऊ सिटी) का लोकार्पण जल्द प्रस्तावित है। कुल 21 स्टेशन स्वीकृत है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास के लिए चयनित: सिद्धार्थनगर, बढ़नी, तुलसीपुर, बलरामपुर, स्वामी नारायण छपिया, रामघाट हाल्ट, डालीगंज, लखनऊ सिटी, ऐशबाग, बादशाहनगर, मगहर, बस्ती, खलीलाबाद, सीतापुर, लखीमपुर, गोला गोकरननाथ, आनन्दनगर, गोण्डा जं., गोरखपुर जं., गोमतीनगर, मैलानी जं. है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और विद्युतीकरण में प्रगति

लखनऊ मंडल ने 40.47 ट्रैक किमी का विद्युतीकरण पूरा किया है। इसके अलावा नई और अतिरिक्त रेल लाइनों का निर्माण तेजी से चल रहा है। गोरखपुर-बाराबंकी खंड पर सुरक्षा फेंसिंग पूरी हो चुकी है। गोंडा डिपो में 1964 वैगनों की ओवरहॉलिंग कर नया रिकॉर्ड बनाया गया, जो मंडल की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।

नई ट्रेनों का संचालन और विस्तार

मंडल ने कई नई ट्रेनों का संचालन शुरू किया है, जिनमें वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनें शामिल हैं। साथ ही कई ट्रेनों का विस्तार कर यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान की गई है। त्योहारों के दौरान 5427 विशेष ट्रेनों का संचालन भी किया गया, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली।

डिजिटल पहल और आधुनिक सेवाएं

डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देते हुए 34 स्टेशनों पर 80 एटीवीएम लगाए गए हैं। रेलवन ऐप के माध्यम से टिकट बुकिंग, पीएनआर स्टेटस, भोजन ऑर्डर जैसी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। अनारक्षित टिकट पर 3 प्रतिशत छूट जैसी सुविधाएं यात्रियों को आकर्षित कर रही हैं।

राजस्व और पर्यावरण संरक्षण

मंडल ने स्क्रैप बिक्री से 55.10 करोड़ रुपये अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। कुल राजस्व 1863 करोड़ रुपये रहा। पर्यावरण संरक्षण के तहत प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनें और ऊर्जा बचाने वाले बीएलडीसी पंखे लगाए गए, जिससे बिजली की बचत हो रही है।

सुरक्षा और कर्मचारी कल्याण

सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्टेशनों पर आधुनिक कैमरे लगाए गए और रेल सुरक्षा बल ने 517 बच्चों को मानव तस्करी से बचाया। कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, पदोन्नति और पूर्व सैनिकों की नियुक्ति जैसे कदम उठाए गए।