लखनऊ विश्वविद्यालय में पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, आधुनिक आँकड़ा विश्लेषण पर दिया गया जोर

Lucknow
  • लखनऊ विश्वविद्यालय में पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, आधुनिक आँकड़ा विश्लेषण पर दिया गया जोर

लखनऊ विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के सहयोग से पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 23 से 27 मार्च 2026 तक किया जा रहा है, जिसमें अधीनस्थ अधिकारियों को आँकड़ा विश्लेषण और मॉडल निर्माण की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शशि भूषण के स्वागत भाषण से हुआ, जिन्होंने प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए वर्तमान समय में आँकड़ा आधारित निर्णय की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला और प्रशिक्षण को बुनियादी से उन्नत स्तर तक उपयोगी बनाने का भरोसा दिया। उन्होंने कुलपति प्रोफेसर जे.पी. सैनी की ओर से भी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता प्रोफेसर शीला मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि आज के शैक्षणिक और नीतिगत वातावरण में आँकड़ों का सही विश्लेषण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आँकड़ा संग्रह से लेकर विश्लेषण, निष्कर्ष और क्रियान्वयन तक हर चरण में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है, अन्यथा गलत निष्कर्ष नीति निर्माण को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को व्यावहारिक दक्षता प्रदान करते हैं और उन्हें विषय की गहराई समझने में मदद करते हैं।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के निदेशक पुरुषोत्तम वर्मा ने कहा कि देश की सांख्यिकीय व्यवस्था नीति निर्माण की मजबूत आधारशिला है और इसे सुदृढ़ बनाए रखने के लिए अधिकारियों को नए कौशल सीखना आवश्यक है, ताकि वे बदलते समय और आधुनिक तकनीकों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। उप महानिदेशक मनोज कुमार ने कहा कि आँकड़ा संग्रह, विश्लेषण और प्रतिवेदन तैयार करने में आधुनिक तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है और समय के साथ इनका उपयोग कार्य को सरल और प्रभावी बनाता है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रों को क्षेत्रीय प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के अवसर देने का भी आश्वासन दिया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर डॉ. चांदनी कुमारी ने किया, जबकि समापन अवसर पर सहायक प्रोफेसर एवं संयोजक डॉ. अशोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के उप महानिदेशक मनोज कुमार और निदेशक पुरुषोत्तम वर्मा का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विश्वविद्यालय और राष्ट्र निर्माण दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।