उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खाने-पीने, होटलों में ठहरने से लेकर इलाज तक, महंगा होने वाला है। इसलिए क्योंकि नगर निगम ने होटल से लेकर अस्पताल और क्लीनिक तक के लाइसेंस शुल्क में भारी बढ़ोत्तरी की है। स्वास्थ्य संस्थानों का लाइसेंस शुल्क दोगुना कर दिया गया है। होटल, रेस्टोरेंट का लाइसेंस और रिन्यूवल शुल्क भी बढ़ा है।
जाहिर है कि खाद्य और स्वास्थ्य संस्थाओं का लाइसेंस शुल्क बढ़ने का भार आमजन पर ही पड़ेगा। फाइनेंशियल ईयर (वित्तीय वर्ष) 2026-27 के लिए शुल्क बढ़ोत्तरी का आदेश जारी कर दिया गया है। उधर, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भी नये वित्तीय वर्ष 2026-27 से भवन मानचित्र का शुल्क भी बढ़ा दिया है। यानी राजधानी में घर बनाना भी महंगा हो गया है। राजधानी में क्लीनिक, हॉस्पिटल, रेस्टोरेंट या अस्पताल खोलने के लिए सालाना कितना लाइसेंस शुल्क देना होगा-देखिए–
स्वास्थ्य क्षेत्र में लाइसेंस शुल्क की ये दरें लागू
| मदवार | निर्धारित दरें | नई दरें (वार्षिक रुपये में) |
| नर्सिंग होम, अस्पताल 50 बेड तक | 7500 | 15000 |
| नर्सिंग होम, अस्पताल 51 से 100 बेड तक | 15000 | 30000 |
| नर्सिंग होम, अस्पताल 101 से 250 बेड तक | 20000 | 40000 |
| नर्सिंग होम, अस्पताल 251 से 500 बेड तक | 35000 | 70000 |
| पैथालॉजी | 5000 | 10000 |
| डायग्नोस्टिक सेंटर, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड | 10000 | 20000 |
| आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथिक क्लीनिक | 4000 | 8000 |
| होटल, गेस्ट हाउस 20 बेड तक | 2000 | 10000 |
| होटल, गेस्ट हाउस 20 बेड से ऊपर | 3000 | 15000 |
| रेस्टोरेंट, जलपान गृह | 2000 | 10000 |
कल्याण मंडप व सामुदायिक केंद्र के किराए में बढ़ोत्तरी
| कल्याण मंडप महानगर | पुराना किराया | नई दरें |
| 64,800 | 90,720 | |
| पटेल पार्क | 12000 | 16,800 |
| सामुदायिक केंद्र,डालीगंज | 2950 | 4,130 |
| जियामऊ कल्याण मंडप | 45660 | 63,924 |
| बाबू बनारसी दास | 7000 | 9,800 |
| लालकुआं कल्याण मंडप | 5000 | 7000 |
| गणेशगंज कल्याण मंडप | 5900 | 8260 |
| नरही कल्याण मंडप | 5900 | 8260 |
| विकास नगर कल्याण मंडप | 59000 | 82600 |
| मानसरोवर कल्याण मंडप | 88500 | 123900 |
| आनंद नगर कल्याण मंडप | 11000 | 15400 |
| सरस्वती कल्याण मंडप | 11800 | 16520 |
चार प्रतिशत बढ़ा मानचित्र शुल्क
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 से भवन मानचित्र का शुल्क बढ़ा दिया है। अब आवासीय व व्यावसायिक भवन निर्माण का मानचित्र पास कराने के लिए चार फीसद शुल्क अतिरिक्त देना होगा। नई दरें 1 अप्रैल से लागू कर दी हैं। इससे भवन स्वामियों को पहले से अधिक शुल्क अदा करना होगा। इसका असर उनके बजट पर पड़ेगा। पिछले बोर्ड बैठक में मानचित्र शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव पास हुआ था। मानचित्र के आवेदन ऑनलाइन ही लिए जाएंगे।
