रोहतास समूह की 350 करोड़ की संपत्तियां जब्त, प्रवर्तन निदेशालय ने ठगी के मामले में की कार्रवाई

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों रुपये की ठगी के मामे में रोहतास समूह व उनकी सहयोगी कंपनियों की 158.85 करोड़ रुपये की 77 संपत्तियां जब्त कर ली। वर्तमान में इनकी बाजार में कीमत 350 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इन संपत्तियों को रोहतास समूह ने निवेशकों की रकम से खरीदी हैं। इसके बाद सहयोगी कंपनियों को ट्रांसफर किया है। जिसे बाद में बेच दिया। कई संपत्तियों पर बैंक से लोन भी ले रखा है। ईडी रोहतास समूह के खिलाफ जांच कर रही है।

ईडी ने रोहतास प्रोजेक्ट लिमिटेड व अन्य के खिलाफ दर्ज मनी लांड्रिंग केस के तहत 75 अचल व 2 चल संपत्तियां जब्त की हैं। इसमें 141.21 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां लखनऊ में स्थित हैं। यह संपत्तियां रोहतास समूह के प्रमोटर दीपक रस्तोगी, रोहतास समूह की सहयोगी कंपनी वर्धन टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड, अध्याये रियल्टी इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी व अन्य के नाम दर्ज हैं जबकि ₹17.64 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां हाइनेस इंफ्रा डेवलपर्स के नाम पाई गई हैं। रोहतास समूह ने लखनऊ में रायबरेली व सुलतानपुर रोड पर टाउनशिप योजनाएं शुरू की थीं। निवेशकों को 30 माह में प्लाट या फ्लैट का कब्जा देने अथवा बुकिंग राशि का 150 प्रतिशत धन एकमुश्त लौटाने का भरोसा दिलाया था। निवेशकों ने मामले में रोहतास समूह के विरुद्ध परियोजना पूरी न होने व उनकी रकम हड़प लिए जाने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने मामले में 83 मामले दर्ज किए थे।

जिन्हें आधार बनाकर ईडी ने जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि निवेशकों से एकत्र धन को रोहतास समूह के संचालकों ने सहयोगी कंपनियों व बेनामी व्यक्तियों के नाम पर जमीन खरीदने में लगाया। स्वामित्व छिपाने के लिए जमीन रखने वाली कंपनियों को बाद में वर्धन टाउनशिप प्रा. लि. को हस्तांतरित कर दिया गया जबकि कुछ बेनामी भूमि अध्याये रियल्टी इंफ्रास्ट्रक्चर एलएलपी के नाम ट्रांसफर कर दी गई। ईडी के अनुसार दीपक रस्तोगी ने बाद में कुछ भूखंड अपनी सहयोगी कंपनियो से खरीदे और उन्हें बैंकों में गिरवी रखकर लोन भी लिया था। ईडी ने इससे पहले अक्टूबर 2025 में रोहतास समूह व उनके सहयोगियों की 110.05 करोड़ रुपये की 68 अचल संपत्तियां जब्त की थीं।