डॉ. राजेश्वर सिंह की ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ आस्था, सेवा और संस्कार का सशक्त प्रतीक

Lucknow
  • डॉ. राजेश्वर सिंह की ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ आस्था, सेवा और संस्कार का सशक्त प्रतीक
  • अर्जुनगंज मंडल के कंकड़ कुआ, बिजनौर रोड से रवाना हुई 55वीं रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा सफलतापूर्वक सम्पन्न
  • जनसेवा से जनआस्था तक का अद्भुत संगम — सरोजनीनगर से अयोध्या तक निरंतर बढ़ता आस्था का कारवां

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में आस्था, सेवा और संस्कार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में संचालित ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ का कारवां निरंतर आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में अर्जुनगंज मंडल के कंकड़ कुआ, बिजनौर रोड से श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम के दर्शन कराने के लिए 55वीं निशुल्क ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या में श्रीराम लला के भव्य मंदिर, श्री हनुमानगढ़ी सहित प्रमुख मंदिरों के सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन कराए गए।

यात्रा के शुभारंभ अवसर पर विधायक की टीम ने सभी श्रद्धालुओं का सम्मान करते हुए उन्हें शॉल एवं पटका पहनाकर बसों में बैठाया। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, जलपान व प्रसाद की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की गई। सेवा भावना से प्रेरित कार्यकर्ताओं ने पूरी यात्रा को एक आध्यात्मिक अनुभव का रूप दिया। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद, श्रीरामचरितमानस तथा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

  • तीन वर्षों से सतत जारी सेवा-परंपरा

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा अपनी पूज्य माताश्री तारा सिंह की प्रेरणा से सितंबर 2022 से प्रारंभ की गई ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ आज सरोजनीनगर में जनआस्था और निःस्वार्थ सेवा का सशक्त प्रतीक बन चुकी है। अब तक आयोजित 55 निशुल्क यात्राओं के माध्यम से श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों और मातृशक्ति, को अयोध्या धाम के भव्य दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो चुका है।

डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि यह यात्रा उन लोगों तक आस्था का पावन अवसर पहुंचाने का प्रयास है, जिनके लिए अयोध्या धाम के दर्शन लंबे समय से एक स्वप्न थे। ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ आज वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सामाजिक सद्भाव और जनसेवा की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभर रही है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जनप्रतिनिधि यदि संकल्पित हों तो राजनीति केवल शासन का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा और समाज कल्याण की सशक्त साधना भी बन सकती है।