- कांग्रेस-सपा पर डॉ. राजेश्वर सिंह का तीखा प्रहार, भारत की वैश्विक छवि को कमजोर करने का प्रयास
लखनऊ। सरोजनीनगर के विधायक राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल ऐसे नैरेटिव को बढ़ावा दे रहे हैं, जो भारत की सभ्यता, संस्कृति और वैश्विक छवि को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी एजेंडों के सहारे देश को बदनाम करना विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बन चुका है।
डॉ. सिंह ने हाल ही में अखिलेश यादव द्वारा मां गंगा को लेकर दिए गए बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था आहत हुई है। वहीं राहुल गांधी द्वारा United States Commission on International Religious Freedom (USCIRF) की रिपोर्ट का हवाला देने पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई और इसे भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया।
- संविधान और अल्पसंख्यक अधिकारों पर जोर
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत का संविधान विश्व में अल्पसंख्यकों को सबसे मजबूत सुरक्षा प्रदान करता है। अनुच्छेद 25 से 30 तक धार्मिक स्वतंत्रता, संस्थानों के संचालन का अधिकार और शैक्षणिक स्वतंत्रता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि देश के जनसांख्यिकीय आंकड़े भी यह साबित करते हैं कि सभी समुदाय यहां सुरक्षित और सशक्त हैं।
- वैश्विक तुलना में भारत मजबूत
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि कई विकसित देशों में धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंध और ‘हेट क्राइम’ की घटनाएं सामने आती हैं, जबकि भारत में सभी समुदायों को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान प्राप्त है। अल्पसंख्यकों के लिए छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाएं और संस्थान संचालित करने की स्वतंत्रता इसका प्रमाण हैं।
- विपक्ष पर ‘दुष्प्रचार’ का आरोप
डॉ. सिंह ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी विदेशी रिपोर्टों के आधार पर देश को बदनाम करने का प्रयास कर रही हैं, जो केवल राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि भारत की संवैधानिक और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भारत को किसी विदेशी संस्था के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उसकी शक्ति उसका संविधान, सांस्कृतिक विविधता और सनातन परंपरा है।
- ऐतिहासिक फैसलों पर मांगा जवाब
डॉ. सिंह ने कांग्रेस पार्टी से उसके पुराने निर्णयों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण, शाह बानो प्रकरण, राम जन्मभूमि विवाद और मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण जैसे मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
अंत में उन्होंने कहा कि देश की जनता अब जागरूक है और राष्ट्रहित के विरुद्ध किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार को स्वीकार नहीं करेगी।
