- बीबीएयू के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा “अनुसंधान कैसे और क्यों किया जाता है, विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला” का आयोजन
भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU), लखनऊ के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा “अनुसंधान कैसे और क्यों किया जाता है, इस विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को अनुसंधान (Research) के मूलभूत सिद्धांतों, इसकी आवश्यकता और इसे प्रभावी ढंग से करने की प्रक्रियाओं से अवगत कराना था। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति *प्रोफेसर राजकुमार मित्तल* के मार्गदर्शन में हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता डॉ मनोज जोशी, परामर्शदाता, बीबीएयू ने अनुसंधान की जरुरत पर गहराई से व्याख्या की। उन्होंने कहा कि सभी को अनुसंधान (Research) के मूलभूत सिद्धांतों, इसकी आवश्यकता और इसे प्रभावी ढंग से करने की प्रक्रियाओं से अवगत होना चाहिए। विभिन्न उदाहरणों से उन्होंने बताया कि मौजूदा जानकारी में नई खोजों को कैसे जोड़ना चाहिए और समस्या समाधान के लिए विशिष्ट सामाजिक, वैज्ञानिक या व्यावसायिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजना चाहिए। इस प्रकार डॉ जोशी ने अनुसंधान के उद्देश्यों और प्रक्रिया पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने अपने अनुभव और विषय संबंधी जानकारी को साझा किया और छात्रों को अनुसंधान से जुड़ी जमीनी हकीकतों से अवगत कराया।
इस कार्यशाला की संयोजक कैप्टेन डॉ राजश्री, विभागाध्यक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, बीबीएयू रहीं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में अनुसंधान के प्रति जागरूकता लाना और उन्हें अनुसंधान की शुरुआत के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों में उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित कर रहा है और यह कार्यशाला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में प्रोफेसर आर.ए. खान, डॉ. धीरेंद्र पांडे, डॉ. पी.के. चौरसिया, डॉ. अलका, डॉ. अमित कुमार सिंह और डॉ. अभिषेक वर्मा सहित सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सभी प्राध्यापकों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यशाला में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शोधार्थियों ने भाग लिया।
