निजी फूड प्रोडक्ट्स कंपनी को विदेशी कंपनियों से फंड दिलाने के नाम पर खुद को वेबटेक कंपनी का एमडी बताने वाले जालसाज ने छह लाख रुपये ठग लिए। इतना ही नहीं, फॉरेक्स अकाउंट खुलवाकर फंड ट्रांसफर कराने का झांसा देकर पीड़ित कंपनी की बैंक डिटेल और जरूरी दस्तावेज भी हासिल कर लिए। कुछ दिन बाद बैंक से खाता फ्रीज होने का मेल आया तो मामले का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दो दिन में 1.43 करोड़ रुपये की साइबर ठगी कर रकम खाते में मंगाकर अन्य खातों में ट्रांसफर कर ली। पीड़ित ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
भागीरथी एंक्लेव निवासी रामकुमार श्रीवास्तव अभिदेश्वरी फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। वह अपनी कंपनी में निवेश कराकर लखनऊ व आसपास के जिलों में फूड सप्लाई और ऑनलाइन डिलीवरी का विस्तार करना चाहते थे। करीब दो वर्ष पहले उनकी मुलाकात इंदिरानगर निवासी दिलीप कुमार से हुई। दिलीप ने खुद को आईसीएल वेबटेक प्राइवेट लिमिटेड का एमडी बताते हुए निवेश के लिए विभिन्न कंपनियों से लाभांश के आधार पर धनराशि दिलाने का आश्वासन दिया। बदले में 10 प्रतिशत कमीशन तय हुआ।
अप्रैल 2024 में आरोपी ने एक दिन में 60 लाख रुपये का निवेश दिलाने का दावा कर छह लाख रुपये कमीशन के तौर पर ले लिए और टालमटोल करने लगा। एक मई 2025 को फीनिक्स प्लासियो मॉल में मुलाकात के दौरान आरोपी ने चेक दिया और दावा किया कि कनाडा से 28 लाख यूरो की पहली किश्त डोनेशन के रूप में मिल चुकी है। साथ ही अन्य विदेशी कंपनियों से भी बातचीत होने की बात कही।
आरोपी ने फंड ट्रांसफर के नाम पर कंपनी की बैंक डिटेल, चेकबुक, आईडी और पासवर्ड मांगे। उसने कथित अकाउंटेंट पीयूष मनी, सानू श्रीवास्तव और राजेश्वर सिंह से भी मुलाकात कराई, जिनके कहने पर बैंक संबंधी सभी दस्तावेज सौंप दिए गए। बाद में जांच में पता चला कि 28 और 29 मई को कंपनी के खाते में 1,43,54,164 रुपये आए और तुरंत अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद मिले।
इसी बीच बैंक से रामकुमार को मेल मिला कि साइबर ठगी के चलते उनका खाता फ्रीज कर दिया गया है। खाते में जमा चेक भी बाउंस हो गया। इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
