राज्य सरकार से अनुदानित मदरसों में संचालित मिड-डे मील योजना में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराई जाएगी। इस संबंध में मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण की निदेशक मोनिका रानी ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर समग्र जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई अखिल भारतीय पसमांदा मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर मो. तलहा अंसारी की शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश के 558 अनुदानित मदरसों में मिड-डे मील योजना के संचालन में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं।
निदेशक ने जिलाधिकारियों से कहा है कि शिकायत में उल्लिखित बिंदुओं की गंभीरता से जांच कर तथ्यों के आधार पर विस्तृत आख्या शासन को भेजी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो, ताकि योजना का लाभ पात्र छात्रों तक सही तरीके से पहुंच सके। निर्देश के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान मदरसों के संचालन, खाद्यान्न वितरण, उपस्थिति रजिस्टर और वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल की जाएगी। अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।
