मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों का उत्तर प्रदेश की धरती पर आगमन पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। लखनऊ में आयोजित एक स्पोर्ट्स अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करते हैं और उन्हें नई दिशा देते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं, बल्कि अनुशासन, समन्वय और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने का माध्यम है। खेल भावना व्यक्ति को मजबूत बनाती है और चुनौतियों का सामना करने का साहस देती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।
हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम और हर जिले में स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। वाराणसी और गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम विकसित हो रहे हैं, जबकि मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करना है, ताकि युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए प्रशिक्षित किया जा सके। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए 500 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां भी दी जा चुकी हैं।
समारोह में मुख्यमंत्री ने टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को ‘मेंटॉर ऑफ द इयर’ और पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया। हॉकी खिलाड़ी पी.आर. श्रीजेश सहित कई अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मान मिला। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को खेल ढांचे और नीतियों के लिए ‘स्टेट ऑफ द इयर’ का पुरस्कार दिया गया। वहीं, ‘टीम ऑफ द इयर’ महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम और ‘फेडरेशन ऑफ द इयर’ बीसीसीआई को मिला।
इस अवसर पर पीटी उषा, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, बाइचुंग भूटिया, राजीव शुक्ला, कुलदीप यादव, हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और हरलीन देओल समेत कई खेल हस्तियां मौजूद रहीं।
