कांशीराम जयंती के मौके पर लखनऊ में दिए गए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बयान पर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कांशीराम के प्रति प्रेम केवल चुनावी और बनावटी है।
असीम अरुण ने कहा कि राहुल गांधी को इतिहास का ज्ञान नहीं है। कांशीराम ने कांग्रेस की दलित नीति के खिलाफ पूरी किताब ‘चमचा युग’ लिखी थी और जीवन भर कांग्रेस के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम का मानना था कि कांग्रेस ने ऐसी राजनीति की, जिससे दलित नेतृत्व कभी मजबूत न हो सके और दलित समाज को केवल चमचा नेता देने की कोशिश की गई। उन्होंने राहुल को यह किताब पढ़ने की सलाह दी।
मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कांशीराम को उनके जीवनकाल में कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें राजनीतिक रूप से अछूत मानती रही। अब चुनाव नजदीक आने पर कांग्रेस वोट के लिए उनका नाम इस्तेमाल कर रही है। दरअसल, राहुल गांधी ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर जवाहरलाल नेहरू जीवित होते तो कांशीराम कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में दलित वोट बैंक को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। असीम अरुण ने कहा कि कांशीराम दलित स्वाभिमान के प्रतीक थे और उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना भी कांग्रेस की नीतियों के विरोध में ही की थी।
