मिनजुमला गाटा पर ‘स्टे’ के बावजूद दखल की कोशिश

Lucknow
  • मिनजुमला गाटा पर ‘स्टे’ के बावजूद दखल की कोशिश, जमीन विवाद से बढ़ा तनाव

अयोध्या। तहसील मिल्कीपुर क्षेत्र के ग्राम सभा पारा ब्रह्मनान, पूरे शंकर शुक्ल में गाटा संख्या 68 (मिनजुमला) को लेकर चल रहा पुराना भूमि विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हिस्सेदारी और सीमांकन को लेकर लंबित मामले के बीच जयनारायण शुक्ला द्वारा अपनी आबादी श्रेणी की भूमि पर पूर्व निर्मित मकान के स्थान पर नवनिर्माण शुरू किए जाने पर कुछ लोगों द्वारा आपत्ति और हस्तक्षेप किए जाने के आरोप सामने आए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बन गई है।

प्रकरण को लेकर ऑनलाइन जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई गई थी (संदर्भ संख्या 30090326000281, दिनांक 07 फरवरी 2026)। उपलब्ध आख्या के अनुसार ग्राम पारा ब्रह्मनान की गाटा संख्या 68 एक संयुक्त (मिनजुमला) गाटा है, जिसका विधिक बंटवारा अब तक नहीं हुआ है और मामला सक्षम राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है। अभिलेखों में इस गाटा के तीन उपखंड दर्ज बताए गए हैं, जिनमें 68 क/2.077 हे० पुरानी आबादी श्रेणी 6(2), 68 ख/0.076 हे० जय नारायण आदि के नाम तथा 68 ग/0.123 हे० गोविंद आदि के नाम दर्ज हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिस स्थान पर निर्माण कराया जा रहा है, वहां पहले से मकान और दीवार निर्मित थी तथा अब उसी का नवनिर्माण किया जा रहा है। जयनारायण शुक्ला का कहना है कि निर्माण कार्य उनकी दर्ज आबादी भूमि के भीतर ही कराया जा रहा है, जबकि आरोप है कि कुछ लोग मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवाने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर मिनजुमला गाटा के अन्य हिस्सों में कब्जे की आशंका को लेकर आपसी अविश्वास की स्थिति भी बनी हुई है, जिससे गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है।

चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और यथास्थिति (स्टेटस-क्वो) बनाए रखने के निर्देश प्रभावी बताए जा रहे हैं, ऐसे में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि एसडीएम स्तर से स्थल निरीक्षण, राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन, खतौनी व नक्शे के आधार पर भौतिक सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि निर्माण कार्य आबादी भूमि पर हो रहा है या विवादित हिस्से में।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। यदि किसी पक्ष द्वारा शांति भंग की आशंका उत्पन्न होती है या निर्माण कार्य में बलपूर्वक बाधा डाली जाती है तो इनायतनगर थाना पुलिस दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107/116 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई कर सकती है तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जा सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि संयुक्त (मिनजुमला) गाटों में स्पष्ट सीमांकन न होने से अक्सर विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है और समय रहते राजस्व स्तर पर बंटवारा न होने पर छोटे विवाद भी बड़े तनाव का कारण बन जाते हैं। जयनारायण शुक्ला ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग करते हुए कहा है कि वे अपनी वैध आबादी भूमि पर पूर्व निर्मित मकान का ही नवनिर्माण करा रहे हैं। अब निगाहें एसडीएम मिल्कीपुर और स्थानीय प्रशासन पर टिकी हैं कि राजस्व अभिलेखों और न्यायालयीन आदेशों के आधार पर वस्तुस्थिति कितनी शीघ्र स्पष्ट की जाती है, जिससे गांव में शांति और सामाजिक संतुलन कायम रह सके।