प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय और सीमेंस के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में जनभवन में आयोजित हुआ।
इस साझेदारी के तहत वीएलएसआई और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए), वेरिफिकेशन और सिमुलेशन जैसी उभरती तकनीकों पर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य शोध, नवाचार, स्टार्टअप्स और तकनीकी शिक्षा को मजबूती देना है। राज्यपाल ने कहा कि बड़े कार्यों के लिए दीर्घकालिक सोच और योजनाबद्ध प्रयास जरूरी हैं तथा विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने देश के विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है।
एमओयू के तहत सीमेंस प्रदेश के करीब 300 संस्थानों को सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराएगा और हर साल हजारों छात्रों व शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल हासिल होगा।
