बारामती। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उनके पैतृक गांव काटेवाडी स्थित आवास पर बृहस्पतिवार सुबह सैकड़ों शोक संतप्त लोग उमड़ पड़े। पुणे जिले के काटेवाडी और आसपास के गांवों के शोक संतप्त लोग, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनके आवास के बाहर उमड़ पड़े और ”अजित दादा अमर रहे”, ”अजित दादा परत या” (अजित दादा कृपया वापस आ जाएं) जैसे नारे लगाने लगे।
कई शोक संतप्त लोगों ने क्षेत्र के विकास में उनकी भूमिका की सराहना करते हुए कहा, ”उनके जैसा नेता दोबारा नहीं जन्म लेगा”। पुणे से लगभग 100 किलोमीटर दूर बारामती हवाई पट्टी के पास लियरजेट विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से बुधवार सुबह पवार (66) की मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना में दो पायलट, एक विमान परिचारक और एक निजी सुरक्षा अधिकारी की भी जान चली गई थी।
बृहस्पतिवार की सुबह पवार के पार्थिव शरीर को बारामती के पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी अस्पताल से बारामती के पास स्थित उनके गांव काटेवाडी लाया गया। काटेवाडी के 65 वर्षीय निवासी गणपत थोम्ब्रे से जब अपनी भावनाएं बयां करने को कहा गया तो उनका गला रुंध गया और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
उन्होंने कहा, ”उपमुख्यमंत्री होने के बावजूद उन्होंने काटेवाडी, खटलपट्टा, सोनगांव और आसपास के अन्य गांवों के मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया।” थोम्ब्रे ने कहा कि वह पवार को व्यक्तिगत रूप से जानते थे क्योंकि पवार ने उनकी पोती को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने में मदद की थी। आंखों में आंसू लिए थोम्ब्रे ने कहा, ”उन्होंने अच्छी सड़कें और स्कूल बनवाकर इस क्षेत्र में बदलाव लाया। उनके जैसा नेता फिर कभी नहीं होगा।”
धाराशिव जिले के टेर से आए चंद्रकांत माली ने कहा कि महाराष्ट्र ने ”एक हीरा खो दिया है”। जिस परिसर में अजित पवार के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था, वहां उनकी पत्नी एवं राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार, उनके बेटे पार्थ और जय तथा उनके छोटे भाई श्रीनिवास पवार ने हाथ जोड़े खड़े दिखे और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे, उनकी पत्नी और बेटे अमित, अभिनेता रितेश देशमुख और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने काटेवाडी स्थित पवार के आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। निवास स्थान पर अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के खेल मैदान में ले जाया गया जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बारामती हवाई अड्डे पर हुए विमान हादसे की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है
