बाराबंकी: बाराबंकी जिले में नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम शुक्लाई में जमीन विवाद के मामले में एक अधिवक्ता को गोली मार दी गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना शुक्रवार को हुई जिसके बाद अधिवक्ता को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया लेकिन बाद में उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी (ईएमओ) पुष्पराज राणा ने बताया कि हालत नाजुक होने के कारण अधिवक्ता को लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया है।
पुलिस ने बताया कि मूल रूप से थाना सफदरगंज क्षेत्र के वीर बलपुरवा के निवासी 32 वर्षीय चंद्रेश वर्मा कोतवाली नगर के मोहल्ला मोहरी पुरवा में रहते हैं। ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर होने से पहले उन्होंने बताया कि कचहरी से घर लौटने के बाद वह शुक्रवार शाम को शौच के लिए मैदान में गए थे और तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे छह-सात लोगों ने उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने उनसे पहले हाथापाई की, फिर पेट में गोली मार दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन के मामले में काफी समय पहले से वह रिश्तेदारों के साथ लड़ाई लड़ रहे हैं और अदालत में मुकदमा लंबित है। उसी मामले में मुझपर हमला कराया गया है।
अधिवक्ता चंद्रेश वर्मा ने बताया कि उनके पिता के नाम की करीब आठ बीघा जमीन विपक्षियों ने फर्जी तरीके से अपने नाम करवा ली थी। वह इस जमीन के मुकदमे में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और उनके जीतने की संभावना है। गोली लगने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला चिकित्सालय पहुंच गए।
अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विकास चंद्र त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं को समझाया और मामले की जांच का आश्वासन दिया। एएसपी ने पत्रकारों को बताया कि जख्मी अधिवक्ता का अपने चाचा के पुत्रों से जमीन का विवाद है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके।
