सरोजनी नगर के पूर्व विधायक दादा शारदा शुक्ला की जयंती पर श्रद्धांजलि सभा, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक हुए शामिल

Lucknow
  • सरोजनी नगर के पूर्व विधायक दादा शारदा शुक्ला की जयंती पर श्रद्धांजलि सभा, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक हुए शामिल

सरोजनी नगर के पूर्व विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे स्वर्गीय दादा शारदा शुक्ला की जयंती के अवसर पर एक श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने पहुंचकर दादा शारदा शुक्ला के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार बृजेश कुमार मिश्रा सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि दादा शारदा शुक्ला एक कर्मठ, जनप्रिय और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा जनता की सेवा को सर्वोपरि रखा और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
वरिष्ठ पत्रकार बृजेश कुमार मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि आमतौर पर लोग नेताओं द्वारा किए गए अच्छे कार्यों को कुछ समय बाद भूल जाते हैं, लेकिन स्वर्गीय शारदा शुक्ला ने ऐसे ऐतिहासिक और जनहितकारी कार्य किए हैं, जिन्हें केवल वर्तमान पीढ़ी ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। उन्होंने कहा कि दादा शारदा शुक्ला द्वारा लोकबंधु चिकित्सालय की नींव रखी गई, जो आज एक विशाल और महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान के रूप में लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। यह कार्य इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है और उनके दूरदर्शी नेतृत्व तथा जनसेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

” कार्यक्रम में समाजसेवी नम्रता पाठक, अनिल कुमार शुक्ला, कृष्ण प्रताप शुक्ला, अशोक अवस्थी, पार्षद गीतापल्ली रिचा आदर्श मिश्रा, पार्षद विद्यावती तृतीय निर्मला सिंह कमलेश सिंह, एडवोकेट गोविंद शुक्ला, एडवोकेट सुनील शुक्ला, योगेंद्र नाथ, अरविंद चौबे, रघुबंशी, अंजू रघुवंशी सहित शारदा शुक्ला के अनेक चाहने वाले और समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों और कार्यों को याद किया। “

कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा और सम्मान से परिपूर्ण रहा। उपस्थित लोगों ने दादा शारदा शुक्ला के सामाजिक और राजनीतिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाया और जनसेवा को अपना धर्म माना। कार्यक्रम के अंत में उनके बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।