यूपी में डिजिटल क्रांति की नई लहरः ‘प्रोजेक्ट गंगा’ से 20 लाख घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

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 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल विजन को आगे बढ़ाते हुए सरकार प्रदेश में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ के तहत सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश और वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड (ओआईएल) के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होंगे।

राजधानी के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में इस एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह, हिंदुजा ग्रुप के प्रतिनिधि तथा परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना है। इस पहल के तहत न्याय पंचायत स्तर पर 8 हजार से 10 हजार स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल सेवा प्रदाता (डीएसपी) के रूप में विकसित किया जाएगा। ये उद्यमी अपने-अपने क्षेत्रों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराएंगे, जिससे गांवों में इंटरनेट की पहुंच तेज, सुलभ और भरोसेमंद बन सकेगी।

परियोजना के तहत अगले दो से तीन वर्षों में प्रदेश के 20 लाख से अधिक घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा, ई-गवर्नेंस, डिजिटल सेवाओं, टेलीमेडिसिन और ई-कॉमर्स जैसी सुविधाओं को भी नई गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना के अंतर्गत चयनित डिजिटल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, नेटवर्क निर्माण और आधुनिक तकनीकी संसाधनों से सशक्त किया जाएगा, ताकि वे अपने क्षेत्रों में मजबूत डिजिटल नेटवर्क विकसित कर सकें।

50 प्रतिशत महिलाएं होगीं डिजिटल सेवा प्रदाता

इस परियोजना की एक विशेषता यह भी है कि डिजिटल सेवा प्रदाताओं में लगभग 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और महिलाएं डिजिटल सेवाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह पहल गांवों में नारी शक्ति को तकनीक और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में भी अहम कदम मानी जा रही है।