कोसी नदी में मोहान क्षेत्र के पास एक साथ 8 से 10 ऊदबिलावों का बड़ा समूह दिखाई देने से वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षणवादियों में उत्साह का माहौल है। यह दुर्लभ दृश्य रामनगर क्षेत्र के अंतर्गत स्थित मोहान के पास देखा गया।
स्थानीय वन्यजीव पर्यवेक्षकों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में ऊदबिलावों की मौजूदगी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊदबिलाव स्वच्छ जल और पर्याप्त मछली संसाधनों पर निर्भर रहते हैं। उनकी बढ़ती उपस्थिति बेहतर जल गुणवत्ता, कम मानव हस्तक्षेप और मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत मानी जाती है। फरवरी माह में हुआ यह अवलोकन क्षेत्र में सकारात्मक पर्यावरणीय परिस्थितियों की पुष्टि करता है।
बताया गया कि ऊदबिलाव सामाजिक स्तनधारी जीव होते हैं, जो सामान्यतः छोटे समूहों में रहते हैं। एक साथ 8 से 10 ऊदबिलावों का दिखना हिमालयी तराई क्षेत्र में असामान्य माना जाता है। पर्यवेक्षकों के अनुसार, ऊदबिलाव नदी किनारे तैरते, चलते और आपस में संपर्क करते हुए दिखाई दिए, जिससे उनके प्राकृतिक और निर्बाध व्यवहार की पुष्टि होती है।
वन्यजीव फोटोग्राफर ने कैमरे में किया कैद
इस दुर्लभ दृश्य को वन्यजीव फोटोग्राफर दीपांकर खुल्बे ने अपने कैमरे में कैद किया। उनकी तस्वीरों ने मोहान क्षेत्र की पारिस्थितिक समृद्धि को उजागर किया है। इन चित्रों में ऊदबिलावों की समन्वित और जीवंत गतिविधियां स्पष्ट रूप से देखी जा सकती हैं, जो भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में भी उपयोगी होंगी। मोहान के पास ऊदबिलावों का यह दुर्लभ जमावड़ा इस बात का प्रमाण है कि उचित संरक्षण प्रयासों से नाजुक पारिस्थितिक तंत्र को पुनः सशक्त बनाया जा सकता है।
संरक्षण प्रयासों को मिला बढ़ावा
एक साथ इतने ऊदबिलावों का दिखाई देना उत्तराखंड में जैव विविधता संरक्षण के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है। वर्तमान में नदियों का पारिस्थितिक तंत्र प्रदूषण, आवास क्षरण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में यह अवलोकन निरंतर संरक्षण प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
