थार में लिफ्ट देकर लोगों को अगवा कर लूटपाट करने वाले गिरोह का खुलासा सैरपुर पुलिस व क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को किया। इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी आशियाना के ट्रैवेल एजेंसी संचालक से पांच हजार रुपये में प्रतिदिन किराये पर थार लेते थे। उसी से राजधानी में घूमकर वारदात को अंजाम देते थे। लूट के माल में संचालक को भी हिस्सा देते थे। पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन वारदात का खुलासा किया। इसमें आरोपियों द्वारा शिक्षक, टैंकर चालक और निजी कंपनी के कर्मचारी को अगवा कर लूट करने की वारदात शामिल है।
एडीसीपी उत्तरी ऋषभ रुणवाल के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में सुशांत गोल्फ सिटी के सेवई गांव का ऋषभ गोस्वामी, उसका पड़ोसी अक्षय कुमार, आलोक, गोरखपुर के सहजनवा कोडरा का शुभम पांडेय, रायबरेली रोड मोहीद्दीनपुर का ज्ञानी, रामसफल रावत और हैदरगढ़ बाराबंकी का ऋषभ पांडेय है। ऋषभ पांडेय आशियाना में जस्ट बुक योर कार के नाम से ट्रैवेल एजेंसी चलाता है। पुलिस टीम ने गुरुवार रात किसानपथ लोधमऊ अंडरपास के पास से थार सवार ऋषभ गोस्वामी, अक्षय, आलोक और शुभम को पकड़ा गया था। आरोपियों के पास से लूट के 40,130 रुपये, दो मोबाइल फोन, दो तमंचे और वारदात में प्रयुक्त थार गाड़ी बरामद किया गया है।
वारदात के समय थार के नंबर को ढंक देते थे आरोपी
एसीपी बीकेटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक आरोपी थार की नंबर प्लेट ढक कर वारदात को अंजाम देते थे। गिरोह को पकड़ने के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने पड़े। एक फुटेज में किसानपथ के पास नंबर प्लेट बदलते दिखे। वहीं से पुलिस को सुराग मिला। पहले चार को पकड़ा गया। उसने पूछताछ में ट्रैवेल एजेंसी संचालक और दो अन्य के बारे में जानकारी मिली थी।
इन वारदातों को दिया था अंजाम :
30 जनवरी को चिनहट हसन विहार कालोनी में रहने वाले शिक्षक बलराम पटेल को कमता से थार में लिफ्ट देकर बैठाया। जमकर पीटा मोबाइल और 500 रुपये लूटकर बीकेटी में किसानपथ पर फेंका।
तीन फरवरी को स्कूटर इंडिया चौराहे से थार सवार इन बदमाशों ने कानपुर रावतपुर सय्यद नगर के रहने वाले फिदा हुसैन को लिफ्ट देकर बैठाया। जमकर पीटा 5400 रुपये, मोबाइल लूटा और एक लाख रुपये आनलाइन ट्रांसफर कराया। लूटकर कानपुर देहात रनिया में फेंका।
एक फरवरी को कानपुर के घाटमपुर निवासी टैंकर चालक ह्रदय नारायण को लिफ्ट देकर थार में बैठाया। असलहा लगाकर जमकर पीटा बंथक बना कर हाथ पैर बांध दिए। 60 हजार रुपये लूटकर सैरपुर में फेंका।
नशे और शौक पूरे करने के लिए करते थे वारदात
इंस्पेक्टर मड़ियांव व क्राइम ब्रांच शिवानंद मिश्रा के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में ट्रैवेल एजेंसी संचालक को छोड़कर बाकी छह मजदूरी करते थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह नशे और अपने शौक पूरे करने के लिए लूटपाट की वारदात को अंजाम देते थे। बदमाशों में ऋषभ गोस्वामी के खिलाफ सात, अक्षय पर पांच मामले दर्ज हैं। यह दोनों शातिर थे। गिरोह का सरगना ऋषभ गोस्वामी था। लूट के माल में ट्रैवेल एजेंसी संचालक ऋषभ पांडेय को भी हिस्सा देते थे।
