लखनऊ के मिलिंद ने दिव्यांग डॉग के लिए बनाया रोबोट

Lucknow

(www.arya-tv.com)राजधानी लखनऊ में रहने वाले लॉ की पढ़ाई कर चुके मिलिंद राज ने मानवता की मिसाल पेश की है। मिलिंद एक दिव्यांग डॉग जो कि न ही चल पाता है न ही उसमें देखने-सुनने की क्षमता है, उसकी देखभाल कर रहे हैं। यह डॉग कोरोनाकाल में गोमती नगर क्षेत्र स्थित एक नाली में मिला था। मिलिंद ने डॉग का नाम ‘जोजो’ रखा है। जोजो के लिए मिलिंद ने एक रोबोट बनाया है। यह रोबोट अब मिलिंद की गैर मौजूदगी में डॉग जोजो को समय-समय पर भोजन देने के साथ उसकी निगरानी भी करता है।

इन परिस्थतियों में मिला था डॉग

बात सितंबर माह की है। मिलिंद राज गोमती नगर में किसी काम से जा रहे थे। तब उन्हें एक स्ट्रीट डॉग नाले में पड़ा दिखाई दिया था। मिलिंद उसे नाले से बाहर निकालकर अपने घर ले आए थे। तब उसकी हालत ठीक नहीं थी। लेकिन कोरोना महामारी के चलते उस समय पशुओं के अस्पताल बंद चल रहे थे। इसलिए वे तत्काल डॉग को अस्पताल नहीं ले जा सके। तीन माह बाद जब हालात सामान्य हुए तो डॉग को लेकर डॉक्टर के पास गए। तभी डॉक्टर ने बताया कि वह चल नहीं सकता है। वह देख और सुन भी नहीं सकता है। इसी के बाद मिलिंद ने उसे पाल लिया और उसका नाम ‘जोजो’ रखा। उन्होंने ऐसा रोबोट तैयार किया जो कि अब बीते चार महीने से जोजो को खाना खिलाता और उसकी देखभाल करता है।

डॉग की आवाज सुनते ही एक्टिव हो जाता है रोबोट

मिलिंद राज दावा करते हैं कि जोजो और रोबोट का ऐसा संबंध पहले कभी नहीं देखा गया है। इस रोबोट को बनाने में मुझे तकरीबन तीन महीने लगे। मैंने एक माह तक इसका ट्रायल भी किया। जब भी जोजो को भूख लगती है तो ऊऊ… ऊऊ… की आवाज निकालती है। वह भौंक नहीं सकती है। उसकी हरकत पर रोबोट एक्टिव हो जाता है और खाना लाकर खिलाता है। उन्होंने कहा मुझे खुशी है कि एक दिव्यांग पशु की मदद करने के लिए मैं विशेष रोबोट तैयार कर सका।

मिलिंद कहते हैं कि, आज ऐसा समय हो गया है कि जोजो रोबोट के हाथों का ही खाना खाता है। जोजो किसी भी व्यक्ति के जाने से डरता था तो रोबोट से उसकी ऐसी दोस्ती हुई है। बदलते समाज में ऐसे रोबोट बनाने की आवश्यकता है। हमारा साथ देने के लिए और लोग भी हमसे जुड़ सकते हैं।

डॉग रेस्क्यू और सैनिटाइजर ड्रोन बना चुके हैं मिलिंद राज
करीब 5 साल पहले नाले में गिरे डॉग को बचाने के लिलए मिलिंद राज ने ही रोबोट बनाया था। मिलिंद  अलग-अलग तरह के कई रोबोट बना चुके हैं। कोरोना महामारी के दौरान मिलिंद राज ने सैनिटाइजेशन करने के लिए ड्रोन से जोड़कर रोबोट तैयार किया था। ड्रोन एक बार में 8 किलो सैनिटाइजर उठाकर उड़ने की क्षमता रखता था। रोबोट 2 किलोमीटर तक खड़ी गाड़ियों और पार्कों में सैनिटाइजेशन करता था। उन्होंने तीन महीने की मशक्कत के बाद एक ऐसा ड्रोन बनाया है। इस बहुपयोगी यंत्र को बनाने वाला छात्र इंजीनियर नहीं, बल्कि विधि का छात्र हैं। मिलिंद राज गोमतीनगर के वि‍भूति‍खंड के रहने वाले हैं।