- अमेठी की रहने वाली मां-बेटी ने लखनऊ लोकभवन के सामने किया था आत्मदाह का प्रयास
- इस हादसे में पीड़िता की मां गंभीर रूप से जल गई थी जिससे उसकी मौत हो गई थी
(www.arya-tv.com) उत्तर प्रदेश के अमेठी में मां-बेटी के आत्मदाह का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है। सपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर लोक भवन के समक्ष आत्मदाह का प्रयास करने वाली अफसाना बानो (गुड़िया) से मिलने मंगलवार को सपा का एक डेलीगेशन उसके घर पहुंचा। डेलीगेशन ने उसे सपा प्रमुख द्वारा इलाज के लिए भेजे गए दो लाख रुपए का चेक दिया है। जिस पर पीड़िता ने अखिलेश का आभार व्यक्त किया है।
डेलीगेशन में पहुंची पूर्व विधायक आशा किशोर ने कहा कि अफसाना बानो के लिए हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भेजा है। ये दुःखद कांड है, कितना पीड़ित होकर इन लोगों ने ये कदम उठाया होगा। उन्होंने कहा कि कोई आसानी से अपनी जान नही देता है। जब ये लोग अधिकारियों के पास जाते-जाते थक गई कहीं से न्याय नहीं मिला तब विधानसभा के सामने जान देने की कोशिश की। उसमें अफसाना की मां की मौत हो गई। अखिलेश यादव ने जब ये जाना तो अफसाना के इलाज के लिए उन्होंने दो लाख रुपए भेजे हैं। अब क्या आगे दिक्कत है वो समझने आए हैं। आज भी उसे डराया और धमकाया जा रहा है इससे संबंधित एक पत्र उसने अखिलेश यादव के नाम लिखा है।
वहीं अमेठी सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष छोटे लाल यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पीड़िता के इलाज के लिए दो लाख रुपए और एक शोक संदेश पत्र भेजा था वही लेकर आए हैं। उसकी परेशानी के लिए जनपद अमेठी की पूरी समाजवादी पार्टी खड़ी है। उसका जो भी संदेश है उसको राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचा दिया जाएगा। उसने बताया है कि शासन-प्रशासन में उसकी कही सुनवाई नही हो रही है। मां की इलाज के अभाव में मौत हो गई, एम्स में इलाज के लिए वो कहती रही लेकिन भेजा नहीं गया।
पीड़िता बोली- सीएम से मिलकर साक्ष्य देना चाहती हूं
पीड़ित अफसाना बानो (गुड़िया) ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आभार व्यक्त किया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि हमें कहीं आने जाने नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में हमें न्याय कैसे मिलेगा? हमें अभी तक न्याय नहीं मिला है। जिले में कुछ अधिकारी और कुछ नेता हैं जो इसमें शामिल हैं, उनके नाम खुलने का डर है तो वो दबाव बना रहे हैं। अगर हमारे साथ कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार वही होंगे। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें कुछ प्रमाण देना चाहती हूं। हमें न्याय नहीं मिला तो इस प्रदेश और जिले को ही छोड़ देंगे।
