बरेली(www.arya-tv.com) ई-टिकटिंग के जरिये आतंकी फंडिंग के तार बरेली से जुडऩे के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के साथ आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) और साइबर सेल की टीमों ने जांच शुरू कर दी। जंक्शन, इज्जतनगर दोनों ही जगहों से पिछले एक वर्ष में ई-टिकटिंग से जुड़े मामलों का ब्योरा मांगा गया है।
18 फरवरी को दिल्ली में आरपीएफ ने ई-टिकटिंग के जरिए आतंकी फंडिंग के आरोप में 59 लोगों को गिरफ्तार किया था। आरपीफ का दावा था कि गिरोह के तार बांग्लादेश के आतंकी संगठन जमीयत उल मुजाहिद्दीन (जेयूएमडी) से जुड़े हैं।
ई टिकटिंग के जरिये प्रत्येक वर्ष 50 से 100 करोड़ रुपये जुटाकर आतंकी संगठन को भेजे जाते हैं। प्रकरण की जांच कर रहे आरपीएफ महानिदेशक अरुण कुमार ने टिकट कालाबाजारी से जुड़े पुराने रिकार्ड सभी आरपीएफ पोस्ट से तलब किए हैं।
अपराध अनुसंधान शाखा (सीआइबी) इज्जतनगर के प्रभारी मयंक चौधरी ने बताया कि वर्ष 2019 में सीआइबी इज्जतनगर एवं उसके अधीन सब यूनिट (लालकुआं, कासगंज) में रेल ई-टिकट को लेकर पकड़े गए मामलों का ब्योरा मांगा गया, जिसकी रिपोर्ट भेज दी है।
उन्होंने बताया कि सीआइबी ने 2019 में रेलवे संपत्ति की चोरी समेत आठ मामलों का खुलासा करते हुए नौ अपराधियों को जेल भेजा। जिसमें काशीपुर स्टेशन पर रेलवे के ही सीनियर बुकिंग क्लर्क को भी पकड़ा गया था।
