नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित जनपद न्यायालय बाराबंकी में गेट नंबर-1 से वाहनों की एंट्री बंद किए जाने के फैसले के विरोध में मंगलवार को अधिवक्ताओं का आक्रोश सामने आया।जिला बार एसोसिएशन बाराबंकी के आह्वान पर सैकड़ों अधिवक्ताओं ने सामूहिक अवकाश रखा और कचहरी परिसर में प्रदर्शन करते हुए जिला जज के निर्णय को वापस लेने की मांग की।प्रदर्शन में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी, महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव, मंत्री प्रकाशन अमित सिंह सूर्यवंशी, पुस्तकालय अध्यक्ष रूबी सिंह समेत समस्त कार्यकारिणी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए गेट नंबर-1 से वाहनों की एंट्री पर लगी रोक को हटाने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर चार थानों की पुलिस फोर्स तैनात रही।क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी ने कहा कि कचहरी में आने वाले बुजुर्ग अधिवक्ताओं और बैसाखी के सहारे चलने वाले अधिवक्ताओं को गेट नंबर-1 से प्रवेश की सुविधा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि करीब 85 वर्ष की उम्र वाले अधिवक्ताओं के साथ-साथ शारीरिक रूप से असमर्थ अधिवक्ताओं को कचहरी तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
उन्होंने गेट खोलने की मांग की। बार एसोसिएशन ने सार्वजनिक अवकाश का निर्णय लिया है। इसके बावजूदअदालती कार्य में शामिल होने वाले अधिवक्ताओं पर 500 रुपये जुर्माना लगाए जाने का भी निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव के आदेश के बाद 4 अक्टूबर से गेट नंबर-1 से वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई गई है। वर्तमान में इस गेट से केवल न्यायाधीशों के वाहन, मुलजिमों को लाने वाली गाड़ियां और पानी की सप्लाई वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति है। इसी फैसले को लेकर अधिवक्ताओं और जिला बार एसोसिएशन में नाराजगी है।
