लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती नदी में आई बाढ़ का हवाई सर्वेक्षण किया और सुल्तानपुर, बख्शी का तालाब क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने स्थानीय नागरिकों और रेस्क्यू में जुटे एसडीआरएफ जवानों से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली तथा स्वास्थ्य शिविर में दवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों प्रदेश के कई जिलों में हुई भारी बारिश के बाद गोमती नदी का जलस्तर बढ़ा है और कई वर्षों बाद अक्टूबर में इस तरह की बाढ़ की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि तत्काल राहत के साथ भविष्य में बाढ़ की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी समाधान जरूरी है।
- फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध का होगा विस्तृत सर्वे
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को फैजुल्लागंज से नैमिष तक सम्पूर्ण नदी तट का विस्तृत सर्वे कराने और तटबंध निर्माण की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तटबंध से आबादी और गांवों को नदी के बढ़ते जलस्तर से काफी हद तक सुरक्षा मिल सकती है। साथ ही तटबंध के बाहर के गांवों और आबादी क्षेत्रों में बारिश के पानी की निकासी के लिए पंपिंग सेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने तटबंध को ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर दोहरे उपयोग के दृष्टिकोण से विकसित करने की संभावना भी बताई।
- राहत शिविरों में भोजन, स्वास्थ्य और पशुओं की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोग खुले या असुरक्षित स्थानों पर रात न बिताएं और स्कूलों, मैरिज हॉल सहित सुरक्षित भवनों को राहत शिविर के रूप में उपयोग किया जाए। शिविरों में गर्म भोजन, बच्चों के लिए दूध और गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ पर्याप्त चिकित्सा शिविर लगाने को कहा। स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन की उपलब्धता, पशुओं के लिए चारा एवं चिकित्सा शिविर तथा प्रभावित किसानों की फसलों का समयबद्ध सर्वे कर नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश भी दिए।
- जनहानि पर चार लाख की सहायता, घर क्षतिग्रस्त होने पर आवास
मुख्यमंत्री ने कहा कि डूबने या आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को नियमानुसार चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रभावित गांवों में चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी जवान और पुलिसकर्मियों की रात्रि गश्त के निर्देश देते हुए घरों एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और राहत, बचाव, पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
