19 साल बाद फिर हनुमान जी के चरणों तक पहुंची गोमती, बढ़ते जलस्तर के बीच ग्रीन कॉरिडोर का बंधा बनेगा शहर का सुरक्षा कवच

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गोमती नदी का जलस्तर बढ़ते-बढ़ते अब आस्था के उस पड़ाव तक पहुंच गया है, जहां पहुंचने की कल्पना भी श्रद्धालुओं के लिए खास मायने रखती है। गोमती का पानी लेटे हनुमान मंदिर में हनुमान जी के चरणों तक पहुंच गया है। मंदिर समिति के महामंत्री ऋद्धि किशोर गौड़ का कहना है कि अगर जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो कल गोमती का पानी हनुमान जी को स्नान करा सकता है।

गोमती तट पर बना यह मंदिर अपने अनोखे स्वरूप के लिए जाना जाता है। हनुमान जी की प्रतिमा नदी के तट से काफी नीचे स्थापित है और वहां तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों से उतरना पड़ता है। मंदिर का निर्माण इस तरह किया गया है कि सामान्य परिस्थितियों में गोमती का पानी प्रतिमा तक आसानी से नहीं पहुंचता। लेकिन 2007 की बाढ़ के 19 साल बाद एक बार फिर नदी का पानी हनुमान जी के चरणों तक पहुंच गया है।

11 किमी का बांध बनेगा शहर का सुरक्षा कवच

गोमती के बढ़ते जलस्तर के बीच लखनऊ को बाढ़ से बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत पिपराघाट से किसान पथ तक करीब 11 किलोमीटर लंबा बांध तैयार किया जा रहा है। करीब 182 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस बांध का निर्माण अप्रैल 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य है।

यह बांध सिर्फ बाढ़ से सुरक्षा ही नहीं देगा, बल्कि इसके एक हिस्से से यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। गोमती के किनारे प्रहरी की तरह खड़ा होने वाला यह बांध गोमती नगर विस्तार, सीजी सिटी समेत कई इलाकों को बाढ़ के पानी से बचाने में मदद करेगा। परियोजना पूरी होने के बाद पांच लाख से अधिक आबादी को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

एलडीए गोमती नदी के किनारे करीब 28 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर के तहत फेज-3 और 4 में पिपराघाट से शहीद पथ तथा शहीद पथ से किसान पथ के बीच 11 किलोमीटर बांध का निर्माण करा रहा है। परियोजना का काफी काम पूरा हो चुका है और निर्माण के दौरान भी यह कई इलाकों में बाढ़ के पानी को रोकने में मददगार साबित हुआ है।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, ग्रीन कॉरिडोर के तहत बन रहा बांध यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के साथ ही गोमती के बढ़ते जलस्तर से शहर के कई इलाकों को सुरक्षा देने में मदद करेगा। परियोजना अप्रैल 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है।

फैजुल्लागंज को भी मिलेगी राहत

एलडीए आईआईएम रोड से खदरा होते हुए हार्डिंग ब्रिज (पक्का पुल) के बीच भी बांध का निर्माण करा रहा है। इसके तैयार होने के बाद गोमती के बाएं तट पर सुरक्षा मजबूत होगी और फैजुल्लागंज, दाऊद नगर, मामा कॉलोनी समेत आसपास की बस्तियों में नदी के पानी से होने वाले जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

गोमती का पानी बढ़ा तो बंद हुई फूड वैली

गोमती के बढ़ते जलस्तर का असर रिवर फ्रंट स्थित फूड वैली पर भी पड़ा है। मरीन ड्राइव के पास रिवर फ्रंट तक पानी पहुंचने के बाद एलडीए ने शनिवार को फूड वैली बंद कर दी। लोगों को जानकारी देने के लिए परिसर में नोटिस चस्पा किया गया है।

रविवार को फूड वैली में सन्नाटा पसरा रहा। लोगों की आवाजाही रोकने के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ बैरीकेडिंग भी की गई। यानी एक तरफ गोमती का पानी आस्था के केंद्र में हनुमान जी के चरणों तक पहुंच रहा है, तो दूसरी तरफ यही बढ़ता जलस्तर लखनऊ के लिए बाढ़ से बचाव की तैयारियों की अहमियत भी याद दिला रहा है।