शाहजहांपुर जिले के खुदागंज ब्लाक के गांव सूथा में बुधवार रात दिल दहला देने वाली वारदात हुई। यहां गांव के पश्चिम करीब 800 मीटर की दूरी पर स्थित मढ़ी पर रह रहे दो साधुओं की हत्या कर दी गई। मौके की परिस्थितियों को देख कर पुलिस ने अनुमान लगाया है कि दोनों साधुओं की तख्त पर सोते वक्त हत्या की गई। इसके बाद कोई ज्वलनशील पदार्थ डाल कर तख्त पर ही आग लगा दी गई। गुरुवार सुबह खेतों की ओर निकले ग्रामीणों ने मढ़ी में आग लगी देखी। जब अंदर जाकर देखा तो अधजली लाशें पड़ी थीं। दोनों साधु वहां नहीं थे, लेकिन जब गौर से देखा तो अधजली लाशें साधुओं की ही थीं। जिनकी हत्या की गई, वह गुरु और शिष्य थे।
सूथा गांव के पश्चिम मढ़ी पर सालों से स्थानीय बुजुर्ग बिहारीदास रहते थे, कभी उनके गुरु गोपाल दास भी वहां आ जाया करते थे। गोपाल दास मूलता शाहजहांपुर के अजीजगंज के रहने वाले थे। वह कथा वाचक थे, इस वजह से वह मढ़ी पर हमेशा नहीं रहते थे। बताया गया कि गुरुवार सुबह मढ़ी के सेवादार दृगपाल खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उन्होंने मढ़ी में आग जलती देखी तो वह अंदर गए। अंदर तख्त जल रहे थे। इस बीच उन्होंने बिहारीदास को आवाज लगाई, जवाब नहीं मिला। फिर उन्होंने बिहारीदास को फोन लगाया, लेकिन फोन पर घंटी ही नहीं गई। इसके बाद दृगपाल ने जल रहे तख्त के पास जाकर देखा तो वहां दोनों तख्त जल चुके थे, उनके पाए ही शेष बचे थे, बीच में अधजली लाशें सुलग रही थीं। पास में ज्वलनशील लिक्विड पड़ा था। दृगपाल को मामला समझते देर नहीं लगी, उन्होंने फोन से गांव वालों को जानकारी दी, फिर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस आई, जांच पड़ताल शुरू हो गई है। इस मामले में पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना के आधार पर गांव के ही रहने वाले सुमित नाम के युवक को उसके घर से हिरासत में लिया है। सुमित ने पूर्व में गांव में तमाम वारदातों को अंजाम दिया था। इस वजह से पुलिस उससे इस डबल मर्डर के मामले में पूछताछ कर रही है। इस मामले में अभी किसी पुलिस अधिकारी को आधिकारिक बयान नहीं आया है।
