मंगलवार शाम अमेठी कस्बे की स्टेशन रोड पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को अस्पताल ले जाते समय सड़क किनारे ही प्रसव कराना पड़ा। महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। एंबुलेंस के पहुंचने में करीब आधा घंटा लगने के दौरान स्थानीय महिलाओं ने पन्नी लगाकर प्रसव कराया। बाद में 102 एंबुलेंस से प्रसूता और दोनों नवजातों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। एक बच्चे का वजन कम होने और सांस लेने में परेशानी होने पर प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
बादशाहपुर क्षेत्र के मानपुर निवासी सूरज बदमाशी अपनी पत्नी ज्योति के साथ अमेठी के परसावां गांव स्थित ससुराल में रहते हैं। दंपती पत्तल बेचकर परिवार का गुजारा करते हैं। मंगलवार को दोनों गृह क्षेत्र से पत्तल बेचकर ट्रेन से अमेठी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां से परसावां जाने के लिए स्टेशन रोड से गुजर रहे थे। इसी दौरान ज्योति को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
करीब 5:15 बजे केडी मिश्रा के आवास के पास दर्द बढ़ने पर आसपास के दुकानदारों और लोगों ने 102 एंबुलेंस को फोन कर सूचना दी। मदद पहुंचने का इंतजार करते-करते करीब आधा घंटा बीत गया। इस बीच महिला की हालत देखकर स्थानीय महिलाओं ने आगे बढ़कर पन्नी की आड़ बनाई और सड़क किनारे ही प्रसव कराया। कुछ ही देर में ज्योति ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। सड़क पर प्रसव होने की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
इसके बाद एंबुलेंस पहुंची तो जच्चा और दोनों बच्चों को सीएचसी अमेठी ले जाया गया। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी मनोज पटेल ने बताया कि प्रसव के बाद तीनों को सीएचसी लाया गया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। एक नवजात का वजन कम था और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, इसलिए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहां नवजात और प्रसूता का उपचार चल रहा है। घटना के बाद स्टेशन रोड पर सड़क किनारे प्रसव कराए जाने को लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठते रहे।
