उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बहुचर्चित बेकरी कारोबारी मोहम्मद असद हत्याकांड में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है. मुरादाबाद जनपद के सिविल लाइंस इलाके के जिगर कालोनी निवासी और ‘अलवीना’ बेकरी चेन के 62 वर्षीय संचालक मोहम्मद असद की फरवरी की शाम सरेआम सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.यह हत्या की वारदात उस समय हुई जब असद अपने साले डेनियल के साथ नागफनी के बंगला गांव चौराहे के पास स्कूटी से लाल मस्जिद में नमाज पढ़ने जा रहे थे. हत्या के मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एसएसपी के जरिए डीएम के समक्ष पत्रावली पेश की. जहां से गैंग चार्ट अनुमोदित होने के बाद नागफनी थाना प्रभारी मनीष सक्सेना ने एफआईआर दर्ज कराई है.
हिस्ट्रीशीटर साला हत्याकांड का मास्टरमाइंड
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हत्याकांड का मास्टरमाइंड मृतक का अपना ही हिस्ट्रीशीटर साला जफर हुसैन है. जिसने अपने बेटों, दामाद और सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह तैयार कर इस वारदात को अंजाम दिया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह गिरोह हत्या और रंगदारी जैसी संगीन वारदातों में संलिप्त रहा है. फिलहाल सरगना जफर समेत चार आरोपी सलाखों के पीछे हैं. जबकि जमानत पर बाहर आए पांचवें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं.
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने जफर के दामाद मोहम्मद फैजान और साथी आलमगीर को गिरफ्तार किया था. साजिश में संलिप्तता सामने आने पर 1 अप्रैल 2026 को प्रॉपर्टी डीलर आसिफ को पकड़ा गया था. वहीं वारदात के बाद मुख्य आरोपी जफर अपने दो बेटों सैफुल जफर और एक 17 वर्षीय नाबालिग के साथ फरार होकर जम्मू-कश्मीर चला गया था.
मृतक असद की बेटिया न्यायपालिका और अध्यापन क्षेत्र में कार्यरत
उसको पुलिस की टीम ने 13 मई को श्रीनगर जिले के नौगाम थाना क्षेत्र स्थित स्वेतांगलेसजन गांव से दबोचा था. मृतक असद की बेटिया न्यायपालिका और अध्यापन क्षेत्र में कार्यरत हैं. एक बेटी बुलंदशहर में जज और दूसरी एएमयू में प्रोफेसर हैं. आरोप पत्र दाखिल होने के बाद अब सभी पांच आरोपियों पर सख्त गैंगस्टर कानून की धाराएं लगा दी गई हैं.
