नैनीताल : शनि ग्रह पर मिली रहस्यमय 10 भुजाओं वाली अनोखी आकृति

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 नैनीताल: शनि ग्रह पर 10 भुजाओं वाली रहस्यमय वायुमंडल में अनोखी आकृति की खोज हुई है। वैज्ञानिक इस खोज को हैरान करने वाली खोज बता रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इसे डिकैगन यानी दसभुज नाम दिया है। नासा की हवल अंतरिक्ष दूरबीन से यह खोज हुई है।

शनि ग्रह शुरू से हमेशा से रहस्यमय ग्रह है। इसके अंदरूनी हिस्से में कोई न कोई बदलाव अतीत में देखे जाते रहे हैं। दो दशक पहले एक अजीब रंग देखा गया था, जिसे हॉट स्पॉट नाम दिया गया था। शनि के छल्ले भी हमेशा वैज्ञानिकों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं, जिनके बनने और टूटने की खबरें भी आती रहती हैं। यह देखा गया है कि शनि ग्रह बेहद सक्रिय है और गैसीय ग्रह होने के करने इसके भीतरी हिस्से में बदलाव होते रहते हैं, जबकि बाहरी हिस्सा यानी छल्लों में परिवर्तन भी समय-समय पर देखे जाते हैं। अब नासा के हवल से हुई खोज चौंकाने वाली है। इसके दक्षिणी ध्रुव में अनोखी आकृति मिली है, जो दस भुजाओं के समान है। यह विशाल हिस्से में फैला हुआ है, जो शनि का वायुमंडलीय क्षेत्र है। इसे डिकैगन नाम दिया गया है।

वैज्ञानिकों के अनुसार यह कोई ठोस संरचना नहीं है, बल्कि शनि के वातावरण में बनी एक विशाल वायुमंडलीय तरंग है। यह ग्रह की शक्तिशाली जेट स्ट्रीम के भीतर मौजूद है और इसके प्रभाव शनि के वातावरण की अलग-अलग परतों में दिखाई दे रहे हैं। यह संरचना शनि के दक्षिणी ध्रुव के करीब 63 डिग्री दक्षिणी अक्षांश पर देखी गई है। इस खोज में पहली बार शनि में यह बदलाव देखा गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सटीक आकार लिए एक दस भुजाओं वाली नियमित आकृति है। यह इतनी सटीक कैसे हो सकती है, यही तथ्य हैरान करने वाला है। इस खोज ने शनि के आगे के अध्ययन का मार्ग भी खोल दिया है। इस खोज से शनि के वायुमंडलीय बदलाव, जेट और वातावरण को समझने में मदद मिलेगी। साइंस एडवांसेज में यह खोज प्रकाशित हुई है।

गैसीय ग्रह है शनि 

आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डा शशिभूषण पांडे कहते हैं कि यह हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बना हुआ ग्रह है। इसके अपने 293 उपग्रह हैं और विशाल चमकदार छल्लों से घिरा रहता है। अब इसके वायु मंडल में मिले दस भुजाओं की आकृति हैरान करने वाली है। यह वास्तव में महत्वपूर्ण खोज है।