Gonda transfer news : एसपी अभिषेक ने किया फेरबदल, 30 उपनिरीक्षकों को थानों में मिली तैनाती

# ## Gorakhpur Zone

गोंडा,आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में पुलिस विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। नवागत पुलिस अधीक्षक अभिषेक ने पुलिस लाइन में तैनात रहे 30 उपनिरीक्षकों को विभिन्न थानों और पुलिस चौकियों में तैनाती दी है। उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से नए तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस महकमे के इस व्यापक फेरबदल को आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की महत्वपूर्ण कवायद माना जा रहा है। अतिरिक्त उपनिरीक्षकों की तैनाती से थानों पर पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ेगी और अपराध नियंत्रण, गश्त, विवादों के त्वरित निस्तारण तथा संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी में मदद मिलेगी।

इनका किया गया तबादला

उपनिरीक्षक राजेश दुबे को चौकी प्रभारी भवानीपुर खुर्द, थाना इटियाथोक बनाया गया है, जबकि उपनिरीक्षक सुदेश कुमार को एसएसआई थाना इटियाथोक की जिम्मेदारी दी गई है। जगन्नाथ यादव को थाना कोतवाली नगर, कमलेश सिंह यादव को थाना करनैलगंज, मोहम्मद अहमद अंसारी थाना मोतीगंज, ओंकार यादव  महिला थाना, गोपाल तिवारी व शारद बक्स सिंह थाना खरगूपुर, रामनयन यादव व जयशंकर सिंह थाना धानेपुर,अवधेश प्रसाद थाना मोतीगंज, राजकुमार सिंह थाना कोतवाली देहात, श्रीकांत सिंह व चन्द्रलाल वर्मा थाना खोड़ारे, विभूति राय व श्यामनारायण यादव थाना तरबगंज, सीताराम दुबे व रामप्रकाश राय थाना वजीरगंज, रामायण सिंह यादव व जयप्रकाश मिश्रा थाना उमरीबेगमगंज, समजीत राय थाना कोतवाली नगर में तैनात किया गया है।

इसी तरह पुलिस लाइन से उप निरीक्षक विश्वम्भर नाथ को थाना करनैलगंज, कमल प्रजापति व जमालुद्दीन थाना परसपुर, ओमप्रकाश यादव व गोपाल सिंह थाना कटरा बाजार, अंजनी कुमार सिंह व हरेन्द्र कुमार मिश्र थाना कौड़िया, जयप्रकाश थाना कोतवाली देहात व रामलाल सिंह को महिला थाने में तैनाती मिली है।

पुलिस लाइन से बड़ी संख्या में उपनिरीक्षकों को सीधे फील्ड में भेजने के इस निर्णय को जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है क्योंकि त्योहारों के दौरान बाजारों, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता की आवश्यकता रहती है। ऐसे में थानों में अतिरिक्त उपनिरीक्षकों की तैनाती से गश्त व्यवस्था मजबूत होगी, पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी और छोटी-बड़ी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।