बीबीएयू के 11वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्र निर्माण का संकल्प, राजनाथ सिंह ने विद्यार्थियों को दिखाया सफलता का मार्ग

Lucknow

लखनऊ, 29 अगस्त 2026। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में शनिवार को 11वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन हुआ। समारोह में भारत सरकार के रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि रहे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद  मिथिलेश कुमार, बीबीएयू के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल और परीक्षा नियंत्रक प्रो. विक्रम सिंह यादव मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रीति चौधरी ने किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “ज्ञान के साथ चरित्र, संस्कार और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता भी आवश्यक है।” उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की पंक्ति “छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता” का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को व्यापक सोच रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा Head, Heart और Hand यानी मस्तिष्क, हृदय और हाथ—तीनों का विकास करती है। विद्यार्थियों से उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के “Educate, Agitate and Organize” मंत्र से प्रेरणा लेने तथा नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने वाला बनने का आह्वान किया।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के हित में योगदान देना है। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों से प्रेरणा लेने की अपील की।

कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि बीबीएयू ने NAAC में A++ ग्रेड और NIRF विश्वविद्यालय श्रेणी में 37वां स्थान प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय में 20 हॉबी क्लब, ‘नवकल्पना’ सेक्शन-8 कंपनी और पंचकोशीय शिक्षा प्रणाली के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने 2,055 पौधे रोपकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान बनाया है तथा अमेठी कैंपस में करीब 50 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं चल रही हैं।

22 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक

समारोह में शैक्षणिक वर्ष 2023, 2024, 2025 और 2026 के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 22 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

शैक्षणिक वर्ष 2023:

  • बृजेश गुप्ता — मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • प्रियांशु — मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • सोनम वर्मा — मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • जागृति सिंह — एमएससी लाइफ साइंसेज
  • रचार्ला ओजस्विथा राव — एमएससी एग्रीकल्चर

शैक्षणिक वर्ष 2024:

  • हर्षिता पाठक — कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग
  • अवंतिका कुमारी — बीएससी ऑनर्स, जियोलॉजी
  • प्राची गुप्ता — एमएससी मैथमेटिक्स
  • के.एम. प्रतिभा वर्मा — एमएससी लाइफ साइंसेज

शैक्षणिक वर्ष 2025:

  • स्तुति कुमारी — बीएससी फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी
  • अभिषेक कुमार — बीटेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग
  • नंदिनी शर्मा — एमएससी मैथमेटिक्स
  • आस्था प्रियदर्शिनी — इंटीग्रेटेड बीएससी-एमएससी, बेसिक साइंसेज

शैक्षणिक वर्ष 2026:

  • शुभम यादव — बीटेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग
  • आनंद कुमार — बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग
  • गोनुगुंटला गोपी कृष्णा — एमएससी हॉर्टिकल्चर, वेजिटेबल साइंस
  • जिज्ञासा — एमएससी फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी

इसके अलावा भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. देवेश कुमार को डीएससी की उपाधि प्रदान की गई।

श्री आर.डी. सोनकर पुरस्कार से शैक्षणिक वर्ष 2023 के ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (एमए समाजशास्त्र), 2024 की शिवांगी (एमए इतिहास), 2025 की सोनी निर्मल (एमए इतिहास) और 2026 की प्रभा चंद्र (एमए इतिहास) को सम्मानित किया गया।

समारोह में दीक्षांत स्मारिका का विमोचन किया गया तथा कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को राष्ट्र एवं समाज के हित में कार्य करने की शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में करने का संकल्प लिया।