उत्तराखंड के पर्वतीय पर्यटन क्षेत्र मसूरी-धनौल्टी रोड पर स्थित एक नामी होमस्टे में हुई महिला की रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. मसूरी पुलिस ने वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच को आगे बढ़ाते हुए मृतका के आरोपी पति को नई दिल्ली से धर दबोचा है. पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में देहरादून की सुद्धोवाला जिला जेल भेज दिया गया है.यह पूरा सनसनीखेज मामला 15 जून 2026 का है, जिसने मसूरी के शांत वादियों में हड़कंप मचा दिया था. मसूरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चौकी बाटाघाट के पास टिपरीधार स्थित कियाना होमस्टे में पारुपुडी राधा गायत्री नाम की एक महिला ठहरी हुई थी. 15 जून को इसी होमस्टे के कमरे में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.
महिला की मौत की खबर मिलते ही जब मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार कर दिया. मृतका के परिजनों ने महिला के पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का गहरा संदेह व्यक्त किया था, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की.
दिल्ली से दबोचा गया आरोपी पति, गैर-जमानती वारंट था जारी
घटना के बाद से ही पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही थी. विवेचना के दौरान पुलिस को कई ऐसे पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य और तथ्य मिले, जो सीधे तौर पर महिला के पति की ओर इशारा कर रहे थे. साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट मसूरी ने अभियुक्त के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था.
मधु विहार (दिल्ली) का रहने वाला है आरोपी
आरोपी पति की पहचान सोमयाजुला चरण (पुत्र एम. दुर्गा प्रसाद) के रूप में हुई है. वह पूर्वी दिल्ली के मधु विहार इलाके (किवर्ड कुंजनगर, फेज-3, टावर-13) का निवासी है. मसूरी पुलिस ने एक विशेष टीम बनाकर दिल्ली में दबिश दी और आरोपी को नियमानुसार गिरफ्तार कर उत्तराखंड ले आई.
सुद्धोवाला जेल भेजा गया आरोपी, सीओ मसूरी कर रहे जांच
गिरफ्तारी के बाद मसूरी पुलिस ने आरोपी सोमयाजुला चरण को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया. अदालत ने मामले की गंभीरता और पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों को देखते हुए आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार, सुद्धोवाला (देहरादून) भेजने का आदेश पारित कर दिया.
पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान खुद क्षेत्राधिकारी (CO) मसूरी संभाल रहे हैं. सीओ मसूरी के नेतृत्व में मामले की अग्रिम वैधानिक कार्रवाई और गहन पूछताछ की जा रही है ताकि महिला की मौत के पीछे की असली वजह और पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके.
