अमरनाथ यात्रा को लेकर गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक जारी है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार (NSA) अजीत डोभाल, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा, थलसेना अध्यक्ष, सीआरपीएफ के महानिदेशक और शीर्ष अधिकारी शामिल हैं। अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और तीर्थयात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं की तैयारियां परखी जा रही हैं। केंद्र सरकार सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा की प्रतिबद्धता पर आगे बढ़ रही है।
इस साल 3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा प्रारंभ हो रही है, जो 57 दिन तक चलेगी। श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त को तीर्थयात्रा संपन्न होगी। प्रतिदिन लगभग 10 हजार तीर्थयात्रियों की सीमा तय की गई है। अमरनाथ यात्रा को लेकर पहले से ही ताबड़तोड़ बैठकों का दौर जारी है। शुक्रवार-आज गृहमंत्री ने समीक्षा बैठक बुलाई है। इसमें तीर्थयात्रियों की सुरक्षा से लेकर सुविधाओं और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियां परखी जा रही हैं।
अभेद्य सुरक्षा घेरे में रहेगी तीर्थयात्रा
अमरनाथ यात्रा का अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। केंद्रीय आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF)की करीब 670 कंपनियों की तैनाती करने की मंजूरी दी है। इन सुरक्षाबलों को चरणबद्ध तरीके से तैनात करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर दूसरे संवेदनशील स्थानों की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है। तीर्थयात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियां कई स्तरों वाला सुरक्षा घेरा बनाए रखेंगी।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर चुके हैं। श्रद्धालुओं के ठहरने के बंदोवस्त से लेकर परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर समीक्षा की गई है। एक बार फिर इनकी स्थिति परखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख पहुंचे
अमरनाथ यात्रा को लेकर गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में चल रही बैठक में सुरक्षा-व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों का अंतिम खाका खींचा जा रहा है। इस हाईलेवल बैठक में उप-राज्यपाल मनोज सिंन्हा के अलावा, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, डीजीपी नलिन प्रभात, खुफिया प्रमुख नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह सचिव, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी के प्रमुख, इंटेलीजेंस ब्यूरो और सेना के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
