ग्रीन कॉरिडोर पर शुक्रवार शाम से आवागमन शुरू हो जाएगा। शाम करीब 3:30 बजे समतामूलक चौक पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फीता काटकर ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के द्वितीय चरण का लोकार्पण और तृतीय व चतुर्थ चरण के निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भी उपस्थित रहेंगे।
लोकार्पण के बाद झूलेलाल वाटिका में जनसभा होगी। जिसमें 10 हजार लोग होंगे। सभा के लिए पंडाल, मंच, पार्किंग, लंच, पेयजल आदि इंतजाम किए गए। जिला प्रशासन, एलडीए, नगर निगम समेत सम्बंधित विभागों की गुरुवार देर रात तक तैयारी की गई। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर आईआईएम रोड से किसान पथ तक 28 किमी का है।
पहले चरण में 100 करोड़ की लागत से 6.8 किमी ग्रीन कॉरिडोर आईआईएम रोड से पक्का पुल तक बना था। जिसका लोकार्पण 11 मार्च 2024 को हो चुका है। दूसरे चरण में डालीगंज से निशातगंज होते हुए समतामूलक चौक तक 299 करोड़ की लागत से 7 किमी ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया है।इस पर आवागमन शुरू होने के बाद हजरतगंज, डालीगंज और निशातगंज जैसे घनी आबादी वाले और व्यस्ततम क्षेत्रों में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। 1220 करोड़ की लागत से बनने वाले तृतीय व चतुर्थ चरण का शिलान्यास किया जााएगा। ये कॉरिडोर पिपराघाट से किसान पथ को जोड़ेगा।
दूरी कम, घंटों का सफर मिनटों में, 15 लाख लोगों को फायदा
आईआईएम रोड से सीधा रास्ता न होने के कारण बालागंज से होते हुए करीब 15 किमी की दूरी और जाम लगने पर एक घंटा लगता है। वहीं, पीकऑवर में एक से डेढ़ घंटा लगता है। ग्रीन कॉरिडोर के शुरू होने से आईआईएम रोड से समतामूलक चौक तक मात्र 10 मिनट आनेजाने में लगेंगे। वाहन चालक बिना किसी सिग्नल की बाधा के सीधे रिवर फ्रंट के किनारे से गोमतीनगर और समतामूलक चौक तक पहुंच सकेंगे। इस परियोजना से करीब 15 लाख अधिक लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। आईआईएम रोड स्थित एलडीए की बसंतकुंज योजना और राष्ट्र प्रेरणा स्थल को नये लेन से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही हरदोई से आने वाले वाहन सीधे किसान पथ तक पहुंचेंगे।
ग्रीन कॉरिडोर के रास्ते में आए 166 पेड़ प्रत्यारोपित किए
सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर के एलाइनमेंट में आने वाले 166 पेड़ों को काटने के बजाय उनका प्रत्यारोपण किया गया है, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहेगा। ग्रीन कॉरिडोर के आसपास आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे।
हजरतगंज और महानगर से सीधे किसान पथ
हजरतगंज और महानगर की तरफ से वाहनों का सीधे निशातगंज से समतामूलक चौक होते हुए सीधे किसान पथ आनाजाना होगा। दोनों तरफ से आनेजाने वाले मार्ग को गोमती नदी स्थित हनुमंत सेतु मंदिर के पास ब्रिज से जोड़ा है। इसके आगे निशातगंज ब्रिज, कुकरैल बंधा व कुकरैल ब्रिज तैयार किया है
