(www.arya-tv.com) उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली अधीनस्थ परीक्षा-2019 की प्रारंभिक परीक्षा इस वर्ष 15 दिसंबर, 2019 को पूर्व निर्धारित किया है। यह एक प्रतिष्ठित परीक्षा है। और कोई भी स्नातक इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकता है। यह परीक्षा किसी विशेष पृष्ठभुमि की मांग नहीं करती है। सही रणनीति और उम्मीदवार की सही दिशा में की गई मेहनत उसको इस परीक्षा में सफल कराने में मदद कर सकती है। आप स्मार्ट स्टडी और कुशल रणनीति द्वारा इस परीक्षा में कम समय में सफल हो सकते हैं। तो चलते हैं कुछ विषय कि ओर।
भूगोल : यह प्रारंभिक परीक्षा का पहला महत्वपूर्ण खंड है जिसमें भारत का भूगोल और विश्व भूगोल को मिलाकर औसतन 20-25 प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें आपको सर्वाधिक महत्व भारत के भूगोल को देना है।
जिनमें भारतीय नदियां, भारतीय मिट्टियां, भारत के आर्थिक भूगोल और भारत में ऊर्जा के परिदृश्य जैसे टॉपिक्स पर अत्यधिक ध्यान केंद्रित करना होगा।
इतिहास : यह प्रारंभिक परीक्षा का दूसरा महत्वपूर्ण खंड है। जिसके तीन भाग हैं। प्राचीन इतिहास, मध्यकालीन भारत और आधुनिक भारत। इन भागों में वरीयता के क्रम के बारे में बात की जाए तो सबसे ज्यादा आधुनिक भारत उसके पश्चात् प्राचीन काल और उसके पश्चात् मध्यकालीन भारत को महत्व देना है। हालांकि 2018 की प्रारंभिक परीक्षा में मध्यकाल के प्रश्न ज्यादा थे परंतु पिछले कई वर्षों का औसत निकाला जाए तो आधुनिक भारत से ही सर्वाधिक प्रश्न आते हैं। प्राचीन भारत के लिए एनसीईआरटीई, मध्यकालीन भारत एस के पांडे व आधुनिक भारत के लिए स्पेक्ट्रम आधुनिक भारत का अध्ययन करें।
समसामयिकी : यह प्रारंभिकी परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण खंड है। जिसमें औसतन 20-28 प्रश्न पूछे जाते हैं। और पिछले एक वर्ष की समसामयिकी पर्याप्त रहेगी लेकिन परीक्षा आयोजन के पहले के 6 महीने पूर्व की समसामायिकी पर विशेष फोकस करें।
