ब्राह्मण समाज की एकजुटता पर बल, सामूहिक यज्ञोपवीत व यूजीसी मुद्दे पर रणनीति तय

Lucknow
  • मासिक बैठक में आर्थिक सहयोग और संगठन विस्तार पर लिए गए अहम निर्णय

अखिल भारतीय ब्रह्म समाज की मासिक बैठक 22 फरवरी को केंद्रीय कार्यालय, मुंडावीर परिसर, पकरी, आलमबाग, लखनऊ में राम कुमार चौबे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन संगठन के महामंत्री देवेंद्र शुक्ल ने किया।

बैठक में आगामी 14 मार्च को आयोजित होली मिलन समारोह, 19 अप्रैल को प्रस्तावित सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार समारोह तथा सवर्ण समाज से जुड़े यूजीसी कानून के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। इन विषयों पर सदस्यों से राय लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि संगठन का मुख्य वार्षिक कार्यक्रम सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार है, जिसके सफल आयोजन के लिए नियमित आर्थिक सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि संसाधनों की कमी के कारण कार्यक्रमों के संचालन में कठिनाइयाँ आती हैं, इसलिए प्रत्येक सदस्य को वर्ष में कम से कम एक बार स्वैच्छिक आर्थिक सहयोग देना चाहिए। इस प्रस्ताव का उपस्थित सदस्यों ने समर्थन किया और सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

संस्थापक सदस्य सुधांशु शुक्ल ने होली मिलन एवं यज्ञोपवीत संस्कार समारोह को व्यापक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। वेद प्रकाश शर्मा ने सुझाव दिया कि यज्ञोपवीत जैसे आयोजनों के लिए पूर्व निर्धारित अंशदान प्रणाली लागू की जाए, जिससे आर्थिक प्रबंधन सुदृढ़ हो सके।

यूजीसी से संबंधित विषय पर बैठक में गंभीर विचार-विमर्श हुआ। गिरजा शंकर त्रिपाठी ने आवश्यकता पड़ने पर कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही। लक्ष्मीकांत तिवारी और अवधेश त्रिवेदी ने जनप्रतिनिधियों से स्पष्ट रुख लेने और लोकतांत्रिक तरीके से दबाव बनाने का सुझाव दिया। अवधेश बाजपेई ने सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक संरक्षण देने की आवश्यकता बताई।
अनिल पांडे ने इसे समाज की धैर्य परीक्षा बताते हुए निरंतर वैचारिक गतिविधियाँ आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। कोमल द्विवेदी ने “उठो, जागो और चलो” का आह्वान करते हुए संगठित प्रयासों पर बल दिया।

राजेश त्रिवेदी ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभिन्न प्रकोष्ठों के गठन का प्रस्ताव रखा, जबकि अच्युतानंद धर द्विवेदी ने ब्राह्मण समाज के पारंपरिक संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों की महत्ता पर प्रकाश डाला।

बैठक के अंत में समाज से जुड़े मुद्दों पर एकजुट, जागरूक और सक्रिय भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।