सर्कुलर इकोनॉमी भविष्य की आवश्यकता -डॉ. तनेजा

Lucknow
  • सर्कुलर इकोनॉमी भविष्य की आवश्यकता –डॉ. तनेजा

नवयुग कन्या महाविद्यालय राजेंद्र नगर लखनऊ के रसायन शास्त्र विभाग द्वारा महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय की अध्यक्षता में प्रबंधक विजय दयाल के संरक्षकत्व में रसायन शास्त्र विभाग की सहायक आचार्य डॉक्टर नेहा अग्रवाल के संयोजकत्व में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन ब्रीजिंग डिसप्लींस थ्रू केमिकल साइंस फार ए सस्टेनेबल फ्यूचर- 2026 हाईब्रिड मोड से आयोजित हुआ। द्वितीय दिवस का प्रथम वर्चुअल सत्र डॉ. नेहा अग्रवाल द्वारा संचालित हुआ इस सत्र में जर्मनी से प्रोफेसर मेरी गार्सन अध्यक्ष आई .पी.यू.ए.ने अपना व्याख्यान आनलाईन मोड से प्रस्तुत किया।

द्वितीय प्लेनरी सत्र रहा जिसमें प्रमुख वक्ता डॉ. अनिरुद्ध पाटिल, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय मुंबई,ने’ स्ट्रक्चरल री इंजीनियरिंग आफ मीशो कंपोजिट मैटीरियल फार सेंसर एप्लिकेशन’ विषय पर पावर प्वाइंट प्रस्तुति दी।

प्रो० अजय विशेकर ,डरबन साउथ अफ्रीका ने ‘री ज्यूविनेशन आफ सेलूलाज बेस्ड इंसुलेटिंग पेपर यूस्ड इन हाई वोल्टेज पावर ट्रांसफार्मरस ‘पर अपने विचार रखे।
प्रो विजय पारे पूर्व अध्यक्ष ए.सी. टी इंडिया माधव साइंस पी जी कॉलेज ,उज्जैन ने ‘सस्टेनबिलिटी थ्रू सर्कुलर केमेस्ट्री पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया इस प्लेनरी सत्र का संचालन डॉ अनुरिमा बनर्जी द्वारा किया गया।

डॉ. सुनीता सिंह और डॉ. प्रतिमा घोष द्वारा संचालित सेमिनार का अगला सत्र फ्लैश टाक प्रजेंटेशन पर आधारित रहा।इस सत्र के प्रमुख वक्ता डॉ विवेक मिश्र वरिष्ठ वैज्ञानिक एच.जे.आई जर्मनी ने “निकानिज्म जेवलिन सिंथेसिस एज एन डिजाइन टू फार केमिकल केमिस्ट्री”विषय पर अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि किसी रासायनिक अभिक्रिया के मैकेनिज्म यानि उसकी चरणबद्ध प्रक्रिया को समझकर दवा का संश्लेषण करना ।बी बी ए यू बिहार जगदलपुर से डॉ. अभय नंदा श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक मेडिसिनल केमिस्ट्री की महत्वपूर्ण रणनीति है कि यह वैज्ञानिकों को दवाएं अधिक प्रभावी सुरक्षित और सटीक बनाने में सहायता करती है। इनका शोध पत्र पर्यावरण अनुकूल रसायन पर आधारित रहा प्रो रामकुमार तिवारी बी एस एन बी पी जी कालेज लखनऊ आदि विषय विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किया गया। शोधार्थियों द्वारा पोस्टर प्रजेंटेशन भी किया गया इसमें आकृति श्रीवास्तव बी एस सी चतुर्थ सत्र नवयुग कन्या महाविद्यालय को प्रथम तथा सुदक्षिणा त्रिवेदी लखनऊ विश्वविद्यालय को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। पोस्टर प्रजेंटेशन सत्र शोधार्थियों द्वारा प्रश्न एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा जिज्ञासा शांति हेतु समुचित उत्तर दिया गया। इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय से विदेशी छात्राएं कैरोलिना,डेंटल, अन्ना ईलाकेला बायो कुस्तोषो आदि ने पावर प्वाइंट से पेपर प्रेजेंट किया।समापन सत्र में मुख्य अतिथि प्रोफेसर अजय तनेजा कुलपति ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ एवं विशिष्ट अतिथि डॉ अनुज कुमार शर्मा डीन ए.के.टी.यू लखनऊ की गरिमामयी उपस्थिति रही। ।

सभी अतिथियों का सम्मान प्राचार्य द्वारा अंगवस्त्रम्,स्मृति चिन्ह एवं पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पौधा देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के अपने उद्बोधन में कहा कि सर्कुलर इकोनामी भविष्य के लिए आवश्यक है रेखीय अर्थव्यवस्था का विकल्प है जिसमें उत्पादों,सामग्रियों और संसाधनों का पुनः उपयोग मरम्मत पुनर्निर्माण और पुनर्चक्रण किया जाता है ताकि लंबे समय तक अर्थव्यवस्था में बना रहे। यह आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में सहायक है। विशिष्ट अतिथि डॉ. अनुज कुमार शर्मा ने स्टार्टअप पर जोर दिया और कहां पर स्टार्टअप नए-नए रोजगार पैदा करते हैं इससे बेरोजगारी कम होती है और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम मिलता है देश की जीडीपी बढ़ाने में सहायक है।
समापन सत्र में दो दिवसीय सेमिनार की पूर्ण रिपोर्ट सेमिनार संयोजिका असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ. नेहा अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत की गई। आनलाईन एवं आफलाईन विभिन्न सत्रों का संचालन विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया। आफलाईन ओरल प्रजेंटेशन में डॉ. कल्याणी दीक्षित प्रथम तथा वैशाली सिंह द्वितीय ऑनलाइन पोस्टर प्रेजेंटेशन में शशांक प्रथम और शिवाशीष द्वितीय स्थान पर रहे।इस अवसर पर देश विदेश के विषय विशेषज्ञ विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की सम्मानित प्रवक्ताएं शोध छात्र छात्राएं बड़ी संख्या में आनलाईन आफलाईन उपस्थित रहे। द्वितीय दिवस के सभी सत्रों का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। समापन सत्र का संचालन डॉक्टर क्षितिज शुक्ला के द्वारा किया गया।

सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया। धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय प्राचार्य प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ और समापन राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से किया गया।इस अवसर पर देश विदेश के तथा विश्वविद्यालय और सभी महाविद्यालयों के सम्मानित प्रवक्ता गण, शोधार्थी छात्र-छात्राएं एवं आयोजन समिति सदस्य उपस्थित रहे।