धारदार/प्रतिबंधित मांझे के उपयोग से हो रही दुर्घटनाओं एवं जनहानि की संभावनाओं को रोकने के लिए गुरुवार को मांझा बेचने वाले और पतंग उड़ाने वाले लोगों के साथ एक बैठक चौक कोतवाली में की गई। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित की गई इस बैठक में लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र, चौक क्षेत्र के पार्षद अनुराग मिश्रा, पतंग एसोसिएशन के पदाधिकारीगण, विभिन्न सामाजिक एवं क्लब संगठनों के प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय पतंग प्रेमियों ने भाग लिया। बैठक में सीओ चौक, सीओ बाजारखाला की मौजूदगी रही।
बैठक में धारदार एवं प्रतिबंधित मांझे के उपयोग से हो रही दुर्घटनाओं एवं जनहानि की संभावनाओं पर चिंता जताते हुए पतंग उड़ाने वाले लोगों, संस्थाओं और पतंग विक्रेताओं को सामूहिक रूप से शपथ दिलाई गई कि वह आज से किसी भी प्रकार के धारदार अथवा प्रतिबंधित मांझे का प्रयोग नहीं करेंगे और न ही उसकी बिक्री करेंगे। सभी पतंग प्रेमियों ने अपनी स्वेच्छा से अपने पास उपलब्ध ऐसे मांझे को पुलिस प्रशासन के समक्ष जमा कराया। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) ने अपने संबोधन में कहा कि धारदार एवं प्रतिबंधित मांझे का प्रयोग विधि विरुद्ध होने के साथ-साथ जनसुरक्षा के लिए अत्यंत घातक है। इसके कारण पूर्व में अनेक दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं, जिनमें आम नागरिकों, दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को गंभीर क्षति पहुंची है।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शासन एवं प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित मांझे के क्रय-विक्रय एवं उपयोग पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई का प्रावधान है। किसी भी व्यक्ति द्वारा ऐसे मांझे का उपयोग अथवा भंडारण किए जाने पर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा जनसुरक्षा सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार का मनोरंजन तब तक उचित है जब तक उससे किसी अन्य व्यक्ति के जीवन एवं सुरक्षा को खतरा न उत्पन्न हो। पार्षद अनुराग मिश्र ने नागरिकों से अपील की कि वे जागरूकता का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित करें तथा सुरक्षित एवं साधारण धागे का ही उपयोग करें।
