जहां अपनों ने किनारा कर लिया, वहीं संकट की घड़ी में कई लोग राजपाल यादव के लिए सहारा बने

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जिस कलाकार ने अपनी अदाकारी से करोड़ों चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, आज वही हास्य शहंशाह राजपाल यादव खुद आंसुओं के साथ संघर्ष कर रहे हैं।
शाहजहांपुर के एक बड़े उद्योगपति के साथ फिल्म निवेश उनके लिए संकट बन गया। चेक बाउंस मामलों में राहत न मिलने के बाद उन्हें तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करना पड़ा।संकट की इस घड़ी में जहां अपनों ने मुंह मोड़ा, वहीं राव इन्द्रजीत सिंह ने ₹1 करोड़ 11 लाख और तेज प्रताप यादव ने ₹11 लाख की आर्थिक सहायता कर इंसानियत की मिसाल पेश की।अभिनेता सोनू सूद समेत कई लोग उनके समर्थन में आगे आए हैं।
सच कहे तो यह सिर्फ एक अभिनेता की कहानी नहीं, बल्कि भरोसे, धोखे और संघर्ष की सच्चाई है।हास्य शहंशाह को आज सच में हमारे सहारे की जरूरत है।
 बॉलीवुड में अपनी कॉमिक अदाकारी से देश-दुनिया को ठहाके लगाने वाले हास्य शहंशाह राजपाल यादव आज जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं।
जिन अपनों, उद्योगपतियों और प्रभावशाली लोगों पर उन्होंने भरोसा किया, वही आज उनके लिए सबसे बड़ा संकट बन गए। पर्यावरण का अंधाधुंध दोहन कर अरबों-खरबों की संपत्ति खड़ी करने वाले एक उद्योगपति के कानूनी जाल में फंसकर राजपाल यादव को तिहाड़ जेल तक आत्मसमर्पण करना पड़ा।
फिल्म निवेश बना संकट की जड़
राजपाल यादव ने अपने ही जनपद शाहजहांपुर से जुड़े एक बड़े उद्योगपति पर भरोसा कर फिल्म निर्माण में निवेश किया। फिल्म फ्लॉप होने के बाद निवेश की रकम को कथित रूप से उधार दिखा दिया गया। इसके बाद चेक बाउंस के मामलों में उन्हें कानूनी रूप से फंसा दिया गया।
कानून साक्ष्य देखता है और उन्हीं साक्ष्यों के सहारे शातिर उद्योगपति राजपाल यादव को जेल पहुंचाने में कामयाब हो गया।
चेक बाउंस केस और तिहाड़ जेल
राजपाल यादव पर दर्ज कई चेक बाउंस मामलों में दिल्ली हाई कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत के आदेश के बाद उन्होंने दिल्ली की तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया।आत्मसमर्पण से पहले राजपाल यादव ने कहा—“मेरे पास पैसे नहीं हैं, मैं इस संकट में बिल्कुल अकेला हूं।”उनके ये शब्द पूरे देश को भावुक कर गए।
संकट में बढ़े मदद के हाथ
जहां अपनों ने किनारा कर लिया, वहीं संकट की घड़ी में कई लोग राजपाल यादव के लिए सहारा बने।राव इन्द्रजीत सिंह ने राजपाल यादव की ₹1 करोड़ 11 लाख रुपये की आर्थिक मदद की।बिहार के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव ने ₹11 लाख रुपये की सहायता दी।अभिनेता सोनू सूद ने उन्हें फिल्म प्रोजेक्ट ऑफर कर दोबारा खड़ा करने का भरोसा दियासोशल मीडिया पर भी उनके लिए QR कोड साझा कर आर्थिक सहायता की अपील की जा रही है।
शाहजहांपुर की मिट्टी से जुड़ा कलाकार
राजपाल यादव मूल रूप से शाहजहांपुर के गांव कुंडरा के निवासी हैं। चार भाइयों में वे दूसरे नंबर पर हैं। उनके बड़े भाई श्रीपाल सिंह यादव, जबकि छोटे भाई इंद्रपाल यादव उनका बालीबुड में सहयोगी बने हुए है। राजेश यादव गांव के प्रधान हैं, सत्यपाल सिंह यादव खेतीबाडी के साथ कारोबार संभालते हैं। समाजसेवी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गत वर्ष पिता के निधन के बाद से राजपाल यादव पर संकट लगातार बढ़ता चला गया।
हंसी के पीछे छिपा दर्द
यह मामला सिर्फ एक अभिनेता का नहीं, बल्कि उस कलाकार का है जिसने अपनी कला से देश को हंसाया, लेकिन जब खुद रोने की नौबत आई तो अपनों ने साथ छोड़ दिया।आज हास्य शहंशाह को वाकई सहारे की जरूरत है—ताकि फिर से मंच पर लौटकर लोगों को हंसा सके।