बदहाल सड़क, उस पर भी भरा नाले का गंदा पानी और उससे उठती भीषण दुर्गन्ध से सांस लेना दूभर है। जी हां! ये तस्वरी है स्मार्ट सिटी का तमगा लगाए शहर बरेली की एक कालोनी राजीव एन्कलेव की। यहां के हालात बता रहे हैं कि सबसे बड़ी समस्या बारिश नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी है। बिना एक बूंद बारिश के पूरी कॉलोनी में जलभराव है।
सौ फुटा रोड पर बन रहे नाले का पानी ओवरफ्लो होकर कालोनी में घुस गया है। नालियां चोक हैं, सड़कों पर गंदा पानी और दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बीते चार दिनों से हालात बदतर बने हुए हैं। दिन में किसी तरह आवाजाही हो भी जाती है, लेकिन रात होते ही हालात भयावह हो जाते हैं। अधूरी सड़क, गहरे गड्ढे और जलभराव हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं। लोग गिर रहे हैं, चोटिल हो रहे हैं, वाहन फंस रहे हैं, लेकिन स्मार्ट सिटी का सिस्टम आंख मूंदे बैठा है।
हैरानी की बात तो यह है कि कॉलोनी के लोगों का कहना है कि सड़क बिछाने का ठेका भी छह से सात महीने पहले फाइनल हो चुका है। ठेकेदार ने नालियां बना दी है। रोड पर जगह-जगह गिट्टी भी बिछा दी है, लेकिन सड़क अब तक फाइलों में ही दौड़ रही है। नतीजतन, घरों में मेहमान तक आने से कतराने लगे हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सड़क पर गुजरते हैं तो हमेशा फिसलने या गिरने का डर बना रहता है। कुल मिलाकर ठेकेदार बेफिक्र तो जिम्मेदार तमाशबीन बने हुए हैं। पानी निकासी के नाम पर सौ फुटा रोड किनारे दो इंजन लगाकर की गई खानापूर्ति भी हालात संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। स्मार्ट सिटी के नाम पर किए जा रहे बड़े-बड़े दावों के बीच लोग इस जलभराव से मुक्ति के लिए जिम्मेदारों की ओर उम्मीद की नजर से देख रहे हैं।
सुभाषा देवी ने बताया कि सड़क तो पहले ही जर्जर है, अब जलभराव की समस्या ने दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं। सौ फुटा रोड के नाले का पानी ओवरफ्लो होकर घरों तक पहुंच रहा है। बच्चे, बुजुर्ग सभी परेशान हैं।
मोती शर्मा ने बताया कि सौ फुटा रोड से सटे एक अस्पताल में नौकरी करता हूं। परिचित से मिलने के लिए कालोनी में आना-जाना लगा रहता है। पिछले पांच दिन से जलभराव की समस्या विकराल हो चुका है। कालोनी की सड़क तो महीनों से बदहाल है। आज भी काम से आया था, लेकिन सड़क पर जलभराव की वजह से काफी समस्या हुई।
सजल वर्मा ने बताया कि करीब छह महीने पहले सड़क का ठेका फाइनल हो चुका है। सड़क की बदहाली के बाद अब जलभराव से कालोनी में घुसना मुश्किल है। नाला ओवरफलो होने की वजह से पानी बैक मार रहा है। ठेकेदार कालोनी में पुलिया और नालियां बनवाने के बाद लौटकर हालात देखने तक नहीं आया। –
हरिओम मिश्रा ने बताया कि समस्या सार्वजनिक है।सुबह ऑफिस जाना हो या शाम को लौटना, हर वक्त डर बना रहता है। सड़क पानी में डूबी रहती है, समझ ही नहीं आता गड्ढा कहां है। यहां तो बिना बारिश ही जलप्रलय जैसे हालात हैं।
देवदास के मुताबिक स्मार्ट सिटी के नाम पर मजाक हो रहा है। घर से बाहर कदम रखते ही पानी और कीचड़ से सामना होता है। बदबू इतनी है कि सांस लेना मुश्किल हो गया है। रात में अंधेरे के समय तो जलभराव और खराब सड़क जानलेवा साबित हो सकती है। –
कांट्रेक्टर शिखर सिंह ने बताया कि काम तो करीब चार महीने पहले ही शुरू होकर खत्म हो चुका होता। निर्माण सामग्री भी मंगवा ली गई थी। लेकिन, कालोनी में पाइपलाइन बिछाने की वजह से सड़क निर्माण का काम रोकना पड़ा। इसी दौरान कालोनी में पुलियां बनवा दी गई। दो से तीन दिन में सीसी रोड बिछाने का काम भी शुरू हो जाएगा।
