लखनऊ में सोमवार को गाजीपुर थाना क्षेत्र के बस्तौली गांव में उस समय तनाव फैल गया जब पुलिस ने समाजवादी पार्टी के पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि को करीब 100 मीटर तक घसीटकर गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से नाराज वाल्मीकि समाज के लोगों ने थाने का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
मामला कोर्ट के आदेश पर घर खाली कराने से जुड़ा है। बस्तौली गांव निवासी रामचंद्र वाल्मीकि का परिवार 31 जनवरी से अपने मकान को खाली कराने के विरोध में धरने पर बैठा हुआ था। सोमवार को स्थानीय सपा पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि भी धरने में शामिल होने पहुंचे।
आरोप है कि पार्षद ने कोर्ट के आदेश पर लगाए गए ताले को जबरन तुड़वा दिया। इसी बात को लेकर पुलिस और पार्षद के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामे के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आईं और उनकी वर्दी भी फट गई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि समेत कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
पार्षद की गिरफ्तारी से नाराज बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग गाजीपुर थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए आसपास के 5 थानों की पुलिस फोर्स को बुलाया गया। मौके पर डीसीपी और एसीपी भी पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने पार्षद को तुरंत रिहा करने और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की। अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद करीब चार घंटे बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
